इस सर्दी में भी कोहरे की संभावना के चलते ट्रेनों को दो से तीन महीने के लिए निरस्त करने की तैयारी शुरू हो गई है।
इनमें लखनऊ मंडल की पैसेंजर ट्रेनें अधिक संख्या में निरस्त रहेंगी। इसके चलते जहां आम यात्री को असुविधा होगी वहीं, लखनऊ मंडल प्रशासन की आय भी प्रभावित होगी।
उत्तर रेलवे मुख्यालय ने चार मेमू सहित 20 ट्रेनों के निरस्तीकरण का प्रस्ताव लखनऊ मंडल प्रशासन को भेजा है।
साथ ही बोर्ड मुख्यालय ने रायबरेली के यात्रियों के लिए विशेष इंतजाम करने के भी निर्देश दिए हैं।
बोर्ड मुख्यालय उत्तर रेलवे लखनऊ की 20 ट्रेनों को रद्द करने की तैयारी कर रहा है। निरस्तीकरण की सूची में शामिल ट्रेनें वाराणसी-प्रतापगढ़-लखनऊ के बीच चलने वाली 1/2 वीपीएल पैसेंजर, 54333/34 (1/2एलबी), जनता एक्सप्रेस (14265/66 ) हैं।
इसके अलावा ऊंचाहार व रायबरेली के बीच कुछ ट्रेनें निरस्तीकरण की सूची में है। हालांकि वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव वैकल्पिक ट्रेनों की व्यवस्था करने का प्रयास कर रहे हैं।
साथ ही उन्होंने कई ट्रेनों के निरस्तीकरण के प्रस्ताव पर आपत्ति भी दर्ज कराई है। मालूम हो कि रेलवे बोर्ड ने पिछले साल कोहरे के चलते मंडल की 10 ट्रेनों को दो से तीन माह के लिए रद्द किया था।
कष्टदायी होगा पर्वत क्षेत्र का सफर
अमान परिवर्तन के कारण नैनीताल एक्सप्रेस के बरेली से लालकुआं तक रद्द होने से पर्वतीय क्षेत्र की ओर जाने वाले पर्यटकों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है।
अब नवंबर के अंतिम सप्ताह से ट्रेन जनता एक्सप्रेस (14265/66) के रद्द होने के बाद हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून जाने वाले यात्रियों को खासी दिक्कत होगी।
इसके अलावा लखनऊ से गुजरने वाली ट्रेन हावड़ा-देहरादून दून एक्सप्रेस (13009/10) और हावड़ा-हरिद्वार कुंभ एक्सप्रेस (12369/70) में लखनऊ कोटे की सीटें बहुत कम होने से भी यहां के यात्रियों को परेशानी होगी।