परीक्षा केंद्र न बनने के लिए स्कूलों ने बोला झूठ, अब पकड़े गए
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र बनाने की प्रक्रिया में कई स्कूलों ने झूठी जानकारी दी है। राजकीय कॉलेजों के शिक्षकों की टीम द्वारा सत्यापन के बाद स्कूलों का झूठ पकड़ा गया। किसी ने सीसीटीवी कैमरा न होने की बात कही तो किसी ने सुचारु विद्युत आपूर्ति न होने का हवाला दिया। लगभग 150 स्कूलों ने गलत जानकारी दी है। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा कार्यालय ने स्कूलों द्वारा दी गई जानकारी में संशोधन कर बोर्ड को भेज दिया है।
परीक्षा केंद्र न बने इसके लिए जिले के कई स्कूलों ने जमकर झूठ बोला। जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा बनाई गई राजकीय कॉलेजों की शिक्षकों की टीम ने जब इन स्कूलों का सत्यापन किया तो झूठ पकड़ में आया। इन स्कूलों ने परिषद की वेबसाइट पर मूलभूत संसाधन को लेकर गलत सूचनाएं उपलब्ध कराई थीं। अकेले सरोजनीनगर ब्लॉक के करीब 18 स्कूलों ने गलत जानकारी दी। किसी ने सीसीटीवी न होने का हवाला दिया तो किसी ने अपने यहां पर कक्षाओं का साइज व संख्या भी कम बताई। कुछ कॉलेजों ने परीक्षा में बैठने के लिए छात्रों की धारण क्षमता को भी गलत जानकारी दी। कुछ स्कूलों ने यहां तक कह दिया कि उनके यहां बिजली नहीं रहती। सत्यापन के दौरान जो झूठ पकड़ा गया उसकी रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंप दी गई। डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि करीब साढ़े सात सौ स्कूलों की जांच कराई गई। रिपोर्ट के अनुसार जो भी सूचना मिली उसे परीक्षा कार्यालय द्वारा अपडेट कराकर बोर्ड को भेज दिया गया है। अब बोर्ड अपनी आपत्ति भेज सकता है।