बसंतकुंज योजना में जमीन विवाद ने प्रमुख प्रोजेक्टों पर संकट खड़ा कर दिया है। जमीनों पर कब्जा देने के लिए मुआवजे की मांग पर अड़े काश्तकार और कैटल कॉलोनी के आवंटियों ने प्रोजेक्टों पर काम ही रोक दिया है। इन प्रोजेक्टों में राष्ट्र प्रेरणा स्थल, ग्रीन कॉरिडोर और प्रधानमंत्री आवास तक के काम शामिल हैं।
बसंतकुंज योजना में सेक्टर आई में एलडीए प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कर रहा है। यहां काश्तकार काम नहीं करने दे रहे हैं। नदी किनारे मौजूद गजराहार गांव की जमीनों को लेकर सबसे अधिक दिक्कत है। मुआवजा की मांग को लेकर आए दिन यहां विरोध हो रहा है। अधिशासी अभियंता जोन-7 आनंद मिश्रा ने अब प्रभारी अर्जन आनंद कुमार सिंह और सचिव पवन गंगवार को पत्र भेजकर मुआवजा बांटे जाने और जमीन के विवाद को खत्म कराने के लिए कहा है। उनका कहना है कि अगर विवाद खत्म नहीं हुआ तो शासन की प्राथमिकता के प्रधानमंत्री आवास के प्रोजेक्ट को समय से पूरा नहीं कर पाएंगे। इसी तरह बरीकलां में वन विभाग के साथ भी एलडीए का जमीन का विवाद है। यहां दोनों विभागों को संयुक्त रूप से अपनी जमीनों को सीमांकन करना है।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल की प्रमुख सड़क फ ंसी
बसंतकुंज योजना में ही नदी किनारे प्रस्तावित राष्ट्र प्रेरणा स्थल तक पहुंच मार्ग के लिए 45 मीटर सड़क बननी है। इस सड़क में भी काश्तकारों की जमीन का विवाद बना हुआ है। इसकी वजह से एलडीए यहां काम नहीं कर पा रहा है। शासन की प्राथमिकता पर यह प्रोजेक्ट बसंतकुंज योजना में पूरा किया जाना है।
140 मीटर बंधा को मुआवजा नहीं बंटा
बसंतकुंज योजना में कैटल कालोनी के पास सालों से 140 मीटर लंबाई में बंधा नहीं बन पाया है। इसे बनाने के लिए सिंचाई विभाग को एलडीए जरूरी बजट भी दे चुका है। लेकिन, बोर्ड के फैसले के बाद भी यहां मौजूद भूखंड स्वामियों को हटाने के लिए मुआवजा नहीं बांटा जा सका है। ऐसे में यहां भी काम रुका हुआ है। यह बंधा अब ग्रीन कॉरिडोर का भी भाग बन चुका है।
बसंतकुंज में जमीन के यह छोटे-छोटे विवाद हैं, जिनकी वजह से इन प्रोजेक्टों पर असर पड़ रहा है। ऐसे में सचिव और प्रभारी अर्जन से कहा गया है कि समस्याओं का निस्तारण कराएं। मुआवजा की मांग या दूसरी शिकायतों का हल निकलने से काम करने में सहूलियत होगी।
- आनंद मिश्रा, अधिशासी अभियंता, एलडीए