सरकार ने बाराबंकी के जिला आबकारी अधिकारी एसएन दुबे, आबकारी निरीक्षक रामतीरथ मौर्या, हेड कांस्टेबल राममोहन, संतोष यादव, सलीम व कांस्टेबल अब्दुल कलाम, दीपक शुक्ला, विनय सिंह, रामशबद चौधरी व सीता देवी को निलंबित कर दिया गया है। डीजीपी के निर्देश पर रामनगर के एसपी पवन गौतम, प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार, चौकी इंचार्ज महेंद्र सिंह व सिपाहियों परमात्मा व जंग बहादुर गुप्ता को भी निलंबित किया गया है।
सीएम ने 48 घंटे में मांगी रिपोर्ट
सीएम योगी आदित्यनाथ ने आबकारी आयुक्त पी. गुरुप्रसाद की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी को 48 घंटे के भीतर शासन को रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। कमेटी के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर जांच की है।
शराब ने तोड़ दी सांसों की डोर
रानीगंज के छोटेलाल (60) और उसके तीन बेटे रमेश (35), मुकेश(28) और सोनू (25) के साथ ही रानीगंज मजरे रहटा के मुन्ना उर्फ शिवकुमार यादव(50), उमरी के राजेंद्र वर्र्मा (42), भुंड अमराई के शिवकुमार(50), अकोहरा के राजेश कुमार (35), तेलवारी मजरे सेमराय के निवासी महेश सिंह (38), कटाहरी के विनय सिंह उर्फ राजू(33), कजियापुर के रामस्वरूप (40), ततेहरा के महेन्द्र सिंह(40), महार के सूर्य बक्श (42), लोहरनपुरवा के राम सहारे और रानीगंज के रविशंकर (30) की मौत हो गई।
मौतों की सूचना मिलते ही जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया। डीएम उदयभानु त्रिपाठी, एसपी अजय साहनी समेत विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंच गए। आनन-फानन में ठेके को सील कराया गया। वहां से बरामद शराब को सील कराकर जांच के लिए भेजा गया है। आसपास में तलाशी ली गई तो ठेके के पास स्थित मार्केट से भी बोरे के नीचे छिपाकर रखी गई शराब भी बरामद हुई।
जहर बेचने वाले ठेकेदार और दो सेल्समैन के खिलाफ मुकदमा, एक गिरफ्तार
देसी शराब की दुकान के ठेकेदार बहराइच निवासी दानवीर सिंह और उसके सेल्समैन सुनील उर्फ पप्पू जायसवाल व मनीष सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सुनील को गिरफ्तार किया गया है। अन्य दो सेल्समैन पीतांबर और शिवम को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
लखनऊ जोन के एडीजी राजीव कृष्णा ने बताया कि जिस सरकारी दुकान से विंडीज और पावर हाउस ब्रांड की शराब खरीदी गई, अन्य जिलों में भी सरकारी ठेकों से भी उसी ब्रांड की शराब बेची जा रही है। जिस बैच की शराब पीने से लोगों की मौत हुई है, उसकी जांच करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि जहरीली शराब से पीड़ित लोगों में से कुछ का कहना है कि सरकारी ठेके से बेची गई बोतल सील नहीं थी। इसकी भी जांच की जा रही है।
मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख की मदद
मुख्यमंत्री ने इस घटना में मरने वालों के परिवारीजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद का एलान किया है। साथ ही बीमार लोगों के समुचित इलाज की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।