लखनऊ। नए साल में गृहकर व जलकल का बिल एक करने जैसी कई सुविधाएं शुरू होने वाली हैं। इसे एक अप्रैल (नए वित्तीय वर्ष 2026-27) से लागू करने की तैयारी है। इससे शहर के करीब आठ लाख भवनस्वामियों को सहूलियत होगी। कैसरबाग में चकबस्त कोठी की जमीन पर बनी भूमिगत पार्किंग के साथ ही शहर में तीन वर्ष से बंद 50 खुली पार्किंग भी शुरू होने वाली हैं।
करीब साल भर पहले शासन ने गृहकर और जलकर का बिल एक करने का आदेश जारी किया था। एनआईएसी को दोनों विभाग का डाटा मैच कर अपडेटेड साॅफ्टवेयर तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई। यह काम पूरा हो चुका है। एनआईसी ने नए सॉफ्टवेयर की सिक्योरिटी ऑडिट भी कर ली है। नए वित्तीय वर्ष, एक अप्रैल से इसे लागू कर दिया जाएगा। जलकल के महाप्रबंधक कुलदीप सिंह का कहना है कि चालू वित्तीय वर्ष के बीच में इसे लागू करने में कुछ तकनीकी दिक्कत है, इसीलिए इसे एक अप्रैल से लागू किया जाएगा।
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शुरू होंगी ये प्रमुख पार्किंग
नए वर्ष में मदन मोहन मालवीय मार्ग, मीराबाई मार्ग, त्रिलोकनाथ रोड, चरक अस्पताल के सामने, इंदिरा नगर डी ब्लाॅक में पीएनबी बैंक के सामने, क्वीन मेरी अस्पताल, विशाल मेगा मार्ट अलीगंज, ट्राॅमा सेंटर के सामने शाहमीना रोड, नेशनल पीजी काॅलेज के पास, फातिमा अस्पताल के पास, प्रगति बाजार कपूरथला चौराहा के पास, सीएनएस अस्पताल सेक्टर-25 इंदिरा नगर की पार्किंग शुरू की जाएंगी। ।
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अप्रैल तक शुरू हो जाएगा नया एबीसी सेंटर
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डाॅ. अभिनव वर्मा ने बताया कि आवारा कुत्तों की आबादी पर रोक लगाने के लिए एक और पशु जन्म नियंत्रण केंद्र (एबीसी सेंटर) अमौसी क्षेत्र में कान्हा उपवन के आगे बनकर तैयार है। इसकी फिनिशिंग का काम चल रहा है। इसका संचालन निजी संस्था करेगी जिसके लिए टेंडर जारी किया गया है। नए सेंटर में रोज 50 कुत्तों की नसबंदी होगी। यहां एक साथ 300 कुत्तोंं को रखा जा सकेगा।
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कैसरबाग में कम होगा जाम
कैसरबाग में चकबस्त कोठी की जमीन पर बनाई गई भूमिगत पार्किंग जनवरी में शुरू हो जाएगी। नगर निगम ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। पार्किंग में करीब 500 गाड़ियां खड़ी हो सकेंगी। इससे आसपास के इलाके में लोगों जाम में नहीं जूझना पड़ेगा। आवागमन आसान होगा। अभी सड़क पर पार्किंग से जाम की समस्या होती है।