शासन ने बांदा के डीएम दिव्य प्रकाश गिरि और संभल के डीएम आनंद कुमार सिंह-द्वितीय को भी हटा दिया है। इन्हें शासन में तैनाती दी गई है। लघु उद्योग निगम के एमडी हीरालाल को बांदा और खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह को संभल का नया डीएम बनाया गया है।
विदेश से लौटे प्रतीक्षारत आईएएस अधिकारी अनुराग यादव को नगर विकास विभाग में नया सचिव बनाया गया है। दीर्घकालीन विदेश प्रशिक्षण पर चल रहे रंजन कुमार को सचिव पीडब्ल्यूडी बनाया है। रंजन को प्रशिक्षण से लौटते के बाद कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है।
देवरिया के डीएम के पद से हटाए गए सुजीत कुमार को पिछले दिनों राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक पद पर तैनाती दी गई थी। अब उन्हें सदस्य न्यायिक राजस्व परिषद के पद पर तैनाती दी गई है। खास बात ये है कि अब तक बाहर से आने वाले अफसरों को काफी प्रतीक्षा के बाद तैनाती मिलती थी। लेकिन योगी सरकार ने ऐसे अफसरों को अग्रिम तैनाती देकर अच्छा संदेश दिया है।
योगी सरकार ने चुनाव आयोग के निर्देश से पहले ही मतदाता पुनरीक्षण अभियान को लेकर अपने स्तर से कार्यवाही पूरी कर ली है। शासन ने सीधे चुनाव प्रक्रिया से जुड़े ऐसे सभी प्रशासनिक अफसरों के तबादले की कार्यवाही करीब पूरी कर ली है जिनके कार्यकाल तीन वर्ष या इससे अधिक के हैं। जो अधिकारी संभावित चुनाव आचार संहिता तक यह अवधि पूरी करने वाले हैं उन्हें भी वहां से हटा दिया गया है।
दिसंबर तक जो अधिकारी रिटायर हो रहे हैं, उनके स्थान पर अतिरिक्त अधिकारी संबंधित जिलों में भेज दिए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि पीसीएस अधिकारियों के तबादले इस नई व्यवस्था को ध्यान में रखकर किए गए हैं। आमतौर पर केंद्रीय निर्वाचन आयोग चुनाव के पहले ऐसे अफसरों को हटाने का निर्देश देता है।
एक सितंबर को मतदाता पुनरीक्षण अभियान शुरू होने के बाद चार जनवरी तक तबादले नहीं किए जा सकेंगे। इसके बाद आम चुनाव की आचार संहिता लागू होने की अटकलें हैं।