गोमती में जमी जलकुंभी की सफाई एक सप्ताह में की जाएगी। इसके लिए कर्मचारी नगर निगम लगाएगा और नाव व अन्य जरूरी मशीनें सिंचाई विभाग उपलब्ध कराएगा।
यह निर्देश शनिवार को नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन और जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने अफसरों को निरीक्षण के दौरान दिए।
इसके अलावा गोमती में गिर रहे नालों को भी रेमेडिएशन तकनीक से साफ करने को लेकर प्रस्ताव बनाने के निर्देश नगर विकास मंत्री ने दिए।
गोमती की सफाई को लेकर नगर विकास मंत्री और जल शक्ति मंत्री ने कुड़िया घाट, शहीद स्मारक और गोमती बैराज पर जाकर नदी का का निरीक्षण किया।
इस दौरान नगर निगम, जल निगम और सिंचाई विभाग के अफसर प्रमुख रूप से मौजूद रहे। गोमती में जमी जलकुंभी की सफाई के लिए नदी क्षेत्र को कई सेक्टर में बांटकर कार्य करने के निर्देश दिए।
सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई और जरूरी मशीनें और संसाधन सिंचाई विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि नगर निगम के पास जो संसाधन हैं उससे जलकुंभी की सफाई का काम शनिवार से ही शुरू करा दिया गया है।
गोमती में गिरने वाले सभी नालों पर जाली लगाने का भी काम हो रहा है। नालों का पानी गोमती में जाने से पहले उसे रेमेडिएशन तकनीक से साफ किया जाएगा। इसे लेकर कार्ययोजना जल्द तैयार की जाएगी।