देश के नवनियुक्त रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने कहा है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए सेना को जो भी जरूरत होगी, वह सब पूरी की जाएगी।
जहां तक पड़ोसी देशों से रिश्ते की बात है तो यह बेहद संवेदनशील मुद्दा है। इसका कोई भी जवाब पूरा अध्ययन करने के बाद ही दे सकूंगा। सोमवार को राज्यसभा की सदस्यता का नामांकन पत्र भरने के बाद भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए परिकर ने यह बात कही।
मीडिया ने उनसे सवाल किया था कि पाकिस्तान की मौजूदा भूमिका के मद्देनजर सेना की भूमिका कैसी होगी? रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि डिफेंस मंत्री हूं लेकिन यहां आपके सामने (प्रेस) डिफेंस लेस हूं। पर, यकीन रखिए कि शत्रुओं के सामने डिफेंस लेस नहीं दिखूंगा। मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।
एक हफ्ता दीजिए, फिर सारे सवालों का जवाब दूंगा
परिकर ने कहा कि अभी उन्हें रक्षा मंत्री घोषित किया गया है। सीमा का मुद्दा बहुत संवदेनशील है। पूरा अध्ययन करना होगा। साथ ही प्रधानमंत्री सहित अन्य कई महत्वपूर्ण लोगों से भी बातचीत करनी होगी। एक सप्ताह का मौका दीजिए। पूरा अध्ययन कर लूं। नवंबर के अंतिम सप्ताह या दिसंबर में फिर आऊंगा। तब सारे सवालों का विस्तार से जवाब दूंगा।
पर, यह तय समझिए कि देश की सुरक्षा व सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह पूछने पर कि अतीत में रक्षा मंत्रालय को लेकर तमाम सवाल उठते रहे हैं, रक्षा मंत्री ने उठते हुए जवाब दिया, ‘मैं लक्ष्य रखकर काम करता हूं।’
सेना जो चाहेगी वह सामान व सुविधा मिलेगी
इस सवाल पर कि पिछले कुछ वर्षों से सेना और कुछ अन्य लोगों की तरफ से संसाधनों और अत्याधुनिक शस्त्र व तकनीक तथा अन्य जरूरी सामान की कमी या उनकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं, उन्होंने कहा कि सेना जो चाहेगी, उसे मुहैया कराया जाएगा। गुणवत्ता से भी कोई समझौता नहीं होगा। जो भी परियोजनाएं हैं, वे तय समय में पूरी होंगी।
यूपी में सैनिक स्कूलों की कमी पर बोले
इस सवाल पर कि उत्तर प्रदेश में सैनिक स्कूलों की कमी है। उन्होंने जवाब दिया कि जब रक्षा मंत्री यूपी का है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। सेना से जुड़े सभी जरूरतें पूरी होंगी। यह कहते हुए वह निकल गए।
अब मैं भी यूपी वाला: परिकर
परिकर ने नामांकन पत्र भरने के बाद कहा, मूलत: तो गोवा का हूं। पर, मेरा सौभाग्य है कि पार्टी ने मुझे उस धरती से देश की सेवा करने का मौका दिया जो राम-कृष्ण की धरती है। इससे मैं काफी गद्गद भी हूं और गर्व भी महसूस कर रहा हूं। अब मैं उत्तर प्रदेश वाला हो गया हूं। इसलिए लगातार यहां के संपर्क में रहूंगा। लगातार आऊंगा। यहां की जो भी जरूरतें हैं, उन्हें पूरी के लिए जो कुछ बन पड़ेगा, उसमें कोई कोर-कसर नहीं छोड़ूंगा।’
देरी से पहुंचने के लिए माफी मांगी
निर्धारित समय से लगभग सवा घंटा विलंब से पार्टी मुख्यालय पहुंचे रक्षा मंत्री ने देरी के लिए क्षमा मांगी। फिर कहा कि नामांकन भरने में ज्यादा वक्त लग गया, इसकी वजह से यहां आने में देरी हुई। शाम को दिल्ली में कैबिनेट की बैठक में भी भाग लेना है। उड़ान 2.30 बजे है। इसलिए क्षमा चाहता हूं। कुछ दिनों बाद फिर आऊंगा तो विस्तार से बातचीत करूंगा।