आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा के पुलिस महानिदेशक राज कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि हरियाणा के सोनीपत की फर्म बुश एंड फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने 2015 में बुलंदशहर की सौरभ एंड कंपनी से लगभग पौने दो करोड़ रुपये का धान खरीदा लेकिन भुगतान नहीं किया।
धान खरीद में हेराफेरी करने वाले दंपत्ति के प्रत्यर्पण का आदेश लंदन की वेस्ट मिंस्टर कोर्ट ने दिया है। हाल के दिनों में ऐसा पहली बार हुआ है जब ईओडब्ल्यू ने पैरवी कर किसी आरोपी का प्रत्यर्पण कराया हो।
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आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा के पुलिस महानिदेशक राज कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि हरियाणा के सोनीपत की फर्म बुश एंड फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने 2015 में बुलंदशहर की सौरभ एंड कंपनी से लगभग पौने दो करोड़ रुपये का धान खरीदा लेकिन भुगतान नहीं किया।
फर्म ने दबाव बनाया तो कंपनी के तत्कालीन डायरेक्टर वीरकरण और उसकी पत्नी रितिका अवस्थी लंदन भाग गए। इस मामले की जांच के आर्थिक अपराध अनुसंधान को सौंपी गई थी और ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर इसकी जांच कर रहा था। मेरठ सेक्टर के एसपी स्वप्निल ममगैन आरोपियों को भारत वापस लाने के लिए प्रत्यर्पण कराने की कोशिश कर रहे थे। इसके लिए केंद्र सरकार की भी मदद ली गई थी।
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वहीं सूत्रों का कहना है कि उक्त फर्म ने न सिर्फ यूपी की फर्मों से धान खरीद कर हेराफेरी की बल्कि हरियाणा और दिल्ली में भी बड़े पैमाने पर घपला किया। आर्थिक अपराध अनुसंधान के अधिकारियों के अनुसार सैकड़ों करोड़ का घपला उक्त बुश एंड फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टरों ने किया है।