अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
उत्तर प्रदेश के राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में सीधी भर्ती के रिक्त पदों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से भरने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शासन ने अधियाचन भेजने की समय-सारणी निर्धारित की है। निर्देश दिए हैं कि विभाग की ओर से हर साल 1 अप्रैल तक होने वाली सभी रिक्तियों की गिनती करते हुए हर हाल में 31 मई तक संबंधित भर्ती आयोगों को अधियाचन अनिवार्य रूप से भेजा जाए।
अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि युवाओं को समयबद्ध एवं निष्पक्ष ढंग से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और माध्यमिक विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस नई समय-सारणी लागू करने का उद्देश्य माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को समय से भरना और भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आगे बढ़ाना है, ताकि विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ ही विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी
अधिकारियों को निर्देश दिया कि रिक्तियों की गणना एवं अधियाचन भेजने की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो। निर्धारित समय-सीमा का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सचिव माध्यमिक शिक्षा किंजल सिंह ने शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) को जारी निर्देश में कहा है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में शैक्षिक सत्र की समाप्ति के साथ ही उस वर्ष के नियत सेवानिवृत्ति (ड्यू रिटायरमेंट्स) प्रभावी हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य कारणों से भी पद रिक्त हो सकते हैं। ऐसे में आगामी भर्ती प्रक्रिया के लिए रिक्तियों की समय से पहचान, उनका सही आकलन तथा संबंधित भर्ती आयोग को अधियाचन उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि रिक्तियों की गणना और अधियाचन प्रेषित करने के लिए एक निश्चित कैलेंडर का अनुपालन किया जाना आवश्यक है, जिससे भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समय-सारणी के अनुसार संचालित हो सके।
रिक्तियों की गणना की जाएगी
विभाग द्वारा प्रतिवर्ष 1 अप्रैल तक की स्थिति के आधार पर रिक्तियों की गणना की जाएगी। इसके बाद संबंधित स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए अधियाचन तैयार किया जाएगा। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के रिक्त पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी), प्रयागराज को भेजा जाएगा।
वहीं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के रिक्त पदों के लिए जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) के साथ समन्वय स्थापित कर रिक्तियों का विवरण तैयार किया जाएगा। इसके बाद इन पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया प्रत्येक वर्ष 31 मई तक हर हाल में पूर्ण की जानी है।