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मैनेजमेंट का छात्र चला रहा था लग्जरी कारें उड़ाने का गिरोह, क्राइम ब्रांच व एसपी इस तरह दबोचा

Fri, 13 Sep 2019 12:09 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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एसएसपी कलानिधि नैथानी - फोटो : amar ujala
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बिहार के शराब तस्करों के लिए लग्जरी कारें उड़ाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने सरगना समेत तीन बदमाशों को दबोच लिया। पकड़ा गया सरगना देशराज सिंह उर्फ पंकज उर्फ छोटू मैनेजमेंट कॉलेज से पढ़ाई कर रहा है। 
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पकड़े गए बदमाश कार बुक कराते थे और चालक की हत्या कर वाहन लूटकर शराब तस्करों को बेच देते थे। उनके पास से लूटी गई एक लग्जरी कार व एक एसयूवी और एक बाइक समेत तमंचा व कारतूस मिले हैं। गिरोह के तीन सदस्य भागे हुए हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बदमाशों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को 25 हजार का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

एसएसपी ने बताया कि गिरोह का सरगना बलिया के रसड़ा सदौली निवासी देशराज सिंह उर्फ पंकज उर्फ छोटू है। वह गाजीपुर के भांवरकोल चांदपुर निवासी कमल मिश्रा, बलेसरी गांव के मिथिलेश पांडेय, शिवपुरा के धौरहरा में रहने वाले मोनू यादव और मनोज यादव तथा महाराष्ट्र के शरद सिंह पाटिल के साथ गिरोह बनाकर वारदातें करता था। गिरोह के सदस्य पॉलीटेक्निक चौराहा से कारें बुक कराकर ले जाते थे और सुनसान स्थान पर चालक को मारकर वाहन लूट लेते थे।
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इसके बाद वाहन शराब तस्करों को बेच देते थे। उन्होंने बताया कि गिरोह की तलाश में सरोजनीनगर पुलिस, क्राइम ब्रांच और एसपी उत्तरी की स्पेशल-30 टीम को लगाया गया था। बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे गिरोह के बदमाशों की लोकेशन सरोजनीनगर के ट्रांसपोर्टनगर इलाके में शहीद पथ मोड़ पर मिली। मौके से देशराज सिंह उर्फ पंकज उर्फ छोटू, कमल मिश्रा और मिथिलेश पांडेय को पकड़ लिया गया जबकि उनके साथी मोनू यादव, मनोज यादव और शरद सिंह पाटिल भाग निकले। 

एयरपोर्ट से गोरखपुर लौट रहे चालक की हत्या कर इंदिरा नहर में फेंक दिया था शव

एसएसपी ने बताया कि 15 जुलाई को सुबह करीब चार बजे पॉलीटेक्निक चौराहे पर एक लग्जरी कार को रोककर उसके चालक की हत्या कर दी थी। वारदात में मिथिलेश पांडेय, देशराज सिंह उर्फ पंकज उर्फ छोटू, कमल मिश्रा, मोनू यादव और शरद सिंह पाटिल शामिल थे।

गोरखपुर के बड़हलगंज निवासी शुभम पांडेय सवारी लेकर अमौसी एयरपोर्ट आया था। लौटते वक्त पॉलीटेक्निक चौराहे से बदमाशों ने अयोध्या जाने के लिए चार हजार रुपये में कार बुक कराई थी। देवा रोड पर सुनसान स्थान पर पहुंचते ही लघुशंका के बहाने कार रुकवा ली और शुभम की रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी।

उसका शव इंदिरा नहर में फेंककर बदमाश सुल्तानपुर के रास्ते वाराणसी होते हुए गाजीपुर भाग निकले। इसी तरह 26 अगस्त की रात पॉलीटेक्निक चौराहा से ही बहराइच जाने के लिए एक एसयूवी बुक कराकर चालक को बंधक बनाकर नहर के किनारे फेंक दिया था।
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शराब कारोबारी को बेची कार एक्सीडेंट में पकड़ी गई

एसएसपी ने बताया कि चालक की हत्या कर लूटी गई लग्जरी कार को बदमाशों ने बलिया के खजुरी निवासी शराब कारोबारी अतुल सिंह को दो लाख रुपये में बेची थी। हालांकि, अतुल ने उन्हें 60 हजार रुपये ही दिए थे। बाकी रकम बाद में देने की बात तय हुई थी।

बाद में बदमाश रुपया मांगने पहुंचे तो पता चला कि उक्त कार से एक्सीडेंट हो गया था और पुलिस ने उसे पकड़ लिया था। हत्या व कार लूटने की बात खुलने के भय से मोनू यादव और शरद सिंह पाटिल महाराष्ट्र भाग गए थे जबकि बाकी सदस्य भागने की फिराक में थे।

पुलिस से बचने के लिए शराब कारोबारी खरीदते थे लग्जरी कारें
एसएसपी ने बताया कि शराब कारोबारी और बिहार के शराब तस्कर पुलिस से बचने के लिए लग्जरी कारें खरीदते थे। लग्जरी कारों में शराब छिपाकर ले जाई जाती थी। पुलिस अगर ऐसी कारों को रोकती तो उसके चालक व अन्य लोग वाहन छोड़कर भाग जाते थे।

मैनेजमेंट कॉलेज से पढ़ाई कर रहा है सरगना
पुलिस ने बताया कि गिरोह का सरगना देशराज सिंह उर्फ पंकज उर्फ छोटू 21 साल का है और लखनऊ में बीबीडी के पास एक फ्लैट में रहकर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंस कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है। उसका साथी कमल मिश्रा महाराजगंज के श्रीराम चरन महाविद्यालय से स्नातक का छात्र है जबकि मिथिलेश पांडेय बलिया के रसड़ा से पॉलीटेक्निक में डिप्लोमा कर रहा है। गिरोह के सदस्य अक्सर लखनऊ में ही रहते हैं। 
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