प्रदेश के जिन सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन इकाइयां नहीं हैं, उन्हें अगले छह महीने तक आवश्यकता के हिसाब से एलएमओ (एलएमओ) प्लांट की स्थापना करनी होगी। जिससे कोरोना संक्रमितों को ऑक्सीजन की कमी न होने पाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को यह निर्देश दिया। उन्होंने इन कॉलेजों व संस्थानों को ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करने को भी कहा है। इसके लिए आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों से बातचीत की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झांसी में एक क्रशर यूनिट ने ऑक्सीजन उत्पादन शुरू किया है। चीनी मिलों में थोड़े तकनीकी सहयोग से ऑक्सीजन उत्पादन भी किया जा सकता है। वहीं प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार ने कहा कि निजी मेडिकल कॉलेजों में एलएमओ की स्थापना में खर्च की गई धनराशि को उनके मांग के अनुसार प्रतिपूर्ति दी जाएगी। एलएमओ के संबंध में तात्कालिक रणनीति के साथ दीर्घकालीन रणनीति भी अपनाई जाए। जिन मेडिकल कालेजों और संस्थानों में एलएमओ स्थापित हैं, वे अपने कॉलेज और संस्थान के लिए आवंटित बजट से एलएमओ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें।