लखनऊ। दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी की हत्या करने के आरोपी पति गया प्रसाद को दोषी ठहराकर एडीजे श्याम मोहन जायसवाल ने आठ साल की कैद और सात हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। कोर्ट ने इस मामले में आरोपी रहे ससुर राम कुमार यादव और सास राम प्यारी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से बताया गया कि वादी राम कुमार यादव ने मोहनलालगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक वादी की पुत्री रीना यादव की शादी 23 अप्रैल 2012 को गया प्रसाद से हुई थी। शादी के बाद से ही पति, ससुर रामकुमार, सास राम प्यारी और चचेरा जेठ कम दहेज के लिए रीना को प्रताड़ित करते थे। आरोपियों की मांग पर वादी ने किसी तरह से एक बाइक, सोने की चेन और एक लाख रुपये दिए थे। बावजूद इसके आरोपी कार की मांग करते रहे। मांग पूरी न होने पर आरोपियों ने 17 अप्रैल 2013 को रीना पर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। रीना को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी गया प्रसाद यादव, रामकुमार यादव और राम प्यारी के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।