दो साल पहले दशहरे पर लखनऊ पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पगड़ी बनाने वाले पप्पू को मदद की दरकार है। ब्लड कैंसर से पीड़ित उनकी पत्नी केजीएमयू के हिमेटोलॉजी विभाग में भर्ती हैं। चार दिन में इंजेक्शन व सिरप पर करीब एक लाख रुपये खर्च हो गए।
पप्पू का कहना है कि वह अफसरों के कार्यालय के चक्कर लगा रहा है, मगर अभी तक मरीज का विपन्न कार्ड नहीं बन पाया। वहीं, इलाज पर रोजाना 20 से 30 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। ऐसे में उसने पीएम-सीएम को पत्र भेज मदद की गुहार लगाई है। शास्त्रीनगर खजुआ के आनंद प्रकाश उर्फ पप्पू का छोटा कारखाना है। वह पगड़ी बनाता है।
उसकी 30 वर्षीय पत्नी रंजिता चार माह से बीमार थी। पहले इधर-उधर इलाज कराया, पर फायदा न मिला। हालत गंभीर होने पर उसे बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से केजीएमयू रेफर कर दिया गया। यहां ब्लड कैंसर की पुष्टि हुई। पप्पू का कहना है कि डॉक्टरों ने लंबा इलाज चलने की बात कही है। ऐसे में अब बिना मदद पत्नी का इलाज करवाना उसके लिए संभव नहीं है।
हर संभव मदद करेंगे
विपन्न कार्ड बनवाने को आय प्रमाण पत्र होना बहुत जरूरी है। तीमारदार के पास जरूर दस्तावेज कम होंगे। मामले की जांच कराई जाएगी। मरीज की हर संभव मदद होगी।
- डॉ. सुधीर सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयू