लखनऊ में सरोजनीनगर पुलिस पर युवक को फर्जी तरीके से शराब तस्करी में जेल भेजने का आरोप लगा है। भाई को छुड़वाने की पैरवी करने पहुंचे युवक सुनील को पुलिस ने बुरी तरह से पीटा। आरोप है कि युवक से 80 हजार रुपये की मांग की गई थी। युवक की बुजुर्ग मां ने आरोप लगाया कि पिटाई से क्षुब्ध सुनील ने रविवार को खुदकुशी की कोशिश की।
बुजुर्ग महिला ने एक दरोगा व दो सिपाहियों के खिलाफ मुख्यमंत्री, डीजीपी और पुलिस अफसरों से गुहार लगाई है। कृष्णानगर के आजाद नगर निवासी सुमित्रा देवी के मुताबिक, दरोगा व दो सिपाही 19 सितंबर को बेटे अनिल कुमार को उसकी कार के साथ बरेली ले गए थे।
वापसी में पुलिस ने अनिल को छोड़ने के बदले 80 हजार रुपये की मांग की। आरोप है कि रुपये न मिलने पर पुलिस ने 21 सितंबर को शराब तस्करों के साथ जेल भेज दिया। इसके बाद बड़े बेटे सुनील को थाने बुलाकर पीटा। इससे से वह बेहोश हो गया तो पुलिस कर्मी उसे घर पर छोड़कर भाग निकले। इससे क्षुब्ध होकर सुनील ने जान देने की कोशिश की।
प्रभारी निरीक्षक सरोजनीनगर प्रमेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, एसटीएफ ने 2017 में अनिल व उसके दोस्तों को शराब तस्करी में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वह शराब का अवैध कारोबार कर रहा है। उसका एक साथी वांछित है। उसकी तलाश की जा रही है। किसी भी पुलिसकर्मी ने सुनील से रुपये की मांग नहीं की है।