लड़कियां भले ही जिंदगी के तमाम मोर्चों पर कामयाबी की नई इबारत लिख रहीं हों पर आज भी कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें उनका दुनिया में आना अखरता है। ऐसे ही एक शौहर ने महज लड़की पैदा होने पर पत्नी को तलाक दे दिया।
अब मासूम बच्ची को लेकर पीड़ित महिला दर-दर भटक रही है, लेकिन उसकी व्यथा सुनने वाला कोई नहीं है। रविवार को पीड़िता ने पुलिस कार्यालय पहुंचकर पुलिस कर्मियों को अपना दुखड़ा सुनाया और पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अमेठी जिले के गौरीगंज थाना क्षेत्र के ऐंधी गांव की रहने वाली नसीबा पुत्री मो. साबिर ने पुलिस कार्यालय में दिए गए पत्र में कहा कि उसका निकाह वर्ष 2015 में डीह थाना क्षेत्र के मऊ गांव निवासी अली अहमद के साथ हुआ था।
21 फरवरी 2016 को उसने ससुराल में ही एक पुत्री लब्ज को जन्म दिया। बेटी होने पर 24 अप्रैल को ससुराल पक्ष ने न सिर्फ उसका उत्पीड़न किया, बल्कि पति ने उसे तलाक देकर घर से निकाल दिया।
पीड़िता का कहना है कि उसने थाने में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। अब वह न्याय के लिए इधर-उधर भटक रही है, लेकिन ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है।
अवकाश के कारण एसपी से मुलाकात नहीं हो पाई।
इस संबंध में एसपी गौरव सिंह का कहना है कि मामला जानकारी में आया है। पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के लिए थाना पुलिस को निर्देश दिए गए हैं।