मड़ियांव थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक सनकी पति ने पत्नी और दुधमुंही बेटी का गला रेतकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद खुद भी जहर खाकर जान दे दी।
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जिस महिला की हत्या हुई वह क्षेत्र के प्रभाकर अस्पताल में काम करती थी और परिवार के साथ अस्पताल परिसर में बने क्वार्टर में रहती थी। पुलिस ने मौके से परशुराम द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया है।
दुर्गागंज काकोरी निवासी परशुराम (30) दूसरी पत्नी नीलू उर्फ नीरू (26) व दो महीने की बेटी के साथ प्रभाकर नर्सिंग होम के पीछे बने सर्वेंट क्वार्टर नंबर बीवाई-4 में रहता था। जबकि बीवाई- 5 में सुशीला और उनकी बेटी अनीता रहती हैं।
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अनीता के मुताबिक रात साढे तीन बजे परशुराम के क्वार्टर से तेज चिल्लाने की आवाजें आने से नींद खुली तो अनीता ने नर्सिंग होम जाकर डॉक्टर्स को बताया। डॉक्टर्स व उनका स्टाफ जब परशुराम के क्वार्टर पहुंचे तो वहां का मंजर देख सबके होश उड़ गए।
इलाज के बजाय बुला ली पुलिस
इसी क्वार्टर में रहता था परशुराम का परिवार
- फोटो : अमर उजाला
क्वार्टर के अंदर पड़े तख्त पर नीलू व उसकी दो महीने की बेटी की लाश खून से लथपथ पड़ी थी और परशुराम चिल्लाकर कह रहा था उसने भी जहर खा लिया है।
इस दौरान डॉ अवस्थी ने परशुराम का उपचार कराने के बजाय पुलिस को सूचना देना उचित समझा। सूचना के आधे घंटे बाद मौके पर पुलिस पहुंची, तब तक परशुराम ने दम तोड़ दिया था।
सुसाइड नोट में ये लिखा
सुसाइड नोट
- फोटो : अमर उजाला
परशुराम ने सुसाइड नोट में लिखा कि मेरी बर्बादी का कारण मेरी पत्नी व उसकी दो बड़ी बहनें बेबी व छोटी बहन अजरा हैं। मेरी पहली पत्नी से दो बच्चे हैं जो गांव में रहते हैं।
नीलू उससे मिलने नहीं देती। ये तीनों बहने शादीशुदा लोगों को फंसाकर बर्बाद करती हैं। ये बात पता कर लेना नहीं तो हमारी आत्मा भटकेगी। परशुराम ने दो नंबर भी सुसाइड नोट में लिखे हें।
हत्या के बाद बिस्तर पर फैला खून
- फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर मड़ियांव अमरनाथ वर्मा ने बताया कि परशुराम के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मृतकों के परिजनों को सूचना दी गयी है लकिन 6 घंटे के बाद किसी ने संपर्क नहीं किया है।
डॉक्टर राज अवस्थी की लापरवाही सामने आई है। अगर मृतक परशुराम के परिजन क्टर के खिलाफ तहरीर देंगे तो कार्रवाई की जाएगीष फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।