लखनऊ। ठाकुरगंज के गऊघाट से चार दिन पहले लापता राजू निषाद (28) का शव बुधवार को गोमती नदी में उतराता मिला। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। वहीं परिवारीजनों ने हत्या की आशंका जाहिर करते हुए जांच की मांग की है। परिवारीजनों ने मोहल्ले के पांच युवकों पर आरोप लगाया है। पुलिस उनको हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं पोस्टमार्टम में सिर पर चोट लगने व डूबने से मौत की पुष्टि हुई है।
प्रभारी निरीक्षक ठाकुरगंज राजकुमार के मुताबिक गऊघाट निवासी राजू निषाद चार दिनों से लापता था। उसके परिवारीजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस राजू की तलाश में लगी थी। बुधवार को गोमती नदी में नहाने गए लोगों ने शव उतराता देखा। मौके पर पहुंचे भाई रामू ने शव की शिनाख्त राजू निषाद के रूप में की। भाई रामू के मुताबिक, हुसैनाबाद स्थित शकील के कारखाने में राजू चिकन के कपड़ों का कटिंग कारीगर था।
परिवारीजनों के मुताबिक शनिवार सुबह काम पर जाने की बात कहकर निकला था। उसके बाद वह गऊघाट के पास जाकर सो गया। गऊ घाट पर भतीजा आकाश और चचेरा भाई सूरज गुल्ली-डंडा अपने दोस्तों के साथ खेलने के लिए गए थे। इसी बीच नदी के किनारे ताश खेल रहे वसीम, चांद बाबू, गुलफाम, नदीम और इकबाल से गुल्ली लग जाने के चलते विवाद हो गया। झगड़े के दौरान उन लोगों ने भतीजे और भाई को पीटकर भगा दिया। शोर सुनकर राजू पहुंचा तो हमलावरों ने उसे भी पीट दिया। फिर आकाश और सूरज तो घर आ गए , लेकिन राजू नहीं आया।
रामू ने बताया कि मारपीट के दौरान वसीम, चांद बाबू, नदीम, गुलफाम और इकबाल ने भाई को धमकी दी थी। उन्हीं लोगों ने भाई की हत्या कर दी उसके बाद शव को गोमती में फेंक दिया। मृतक अविवाहित था और पिता बाबू लाल नाव चलाते हैं। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक इकबाल को हिरासत में ले लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। अन्य की तलाश जारी है।