विकासनगर इलाके में रहने वाला एक युवक शादी के 12 साल बाद पत्नी को बीमारी के बहाने जबरन रिहैबिलिटेशन सेंटर में भर्ती कराकर अमेरिका चला गया। पीड़िता के मायके वाले सात माह से सेंटर पहुंच कर बेटी छोड़ने की गुहार लगा रहे थे, लेकिन सेंटर वाले पति के दबाव में उसे छोड़ नहीं रहे थे। थक हारकर घरवालों ने सोमवार को जेसीपी से मिलकर शिकायत की तो पुलिस ने पीड़िता को मुक्त करा लिया। पीड़िता के घरवालों ने ससुराल वालों पर तलाक के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
पीड़िता का मायका कृष्णानगर इलाके में है। परिवार वालों ने बताया कि बेटी की शादी 2010 में विकासनगर निवासी नितिन अग्रवाल से शादी की थी। वर्ष 2012 में नितिन उसे लेकर अमेरिका चला गया। आरोप है कि वहां नितिन आए दिन पत्नी से मारपीट करता था। इस दौरान दोनों के एक बेटी भी हो गई, लेकिन नितिन की आदत में सुधार नहीं आया। पिछले साल अगस्त में वह पीड़िता को लेकर लखनऊ आया और जबरन कृष्णानगर स्थित मायके छोड़ गया।
पीड़िता यहां से खुद ही विकासनगर स्थित ससुराल पहुंच गई, लेकिन हालात नहीं सुधरे। आरोप है कि नितिन ने बीमारी के बहाने पीड़िता को इंदिरानगर स्थित निर्वाण रिहैबिलिटेशन सेंटर में जबरन भर्ती करा दिया और आठ साल की बेटी को लेकर अमेरिका लौट गया। इस पर पीड़िता के मायके वाले उसे लेने पहुंचे तो सेंटर वालों ने पीड़िता को छोड़ने से इनकार कर दिया। घरवाले सात माह तक उसे छुड़ाने के लिए सेंटर के चक्कर लगाते रहे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
सोमवार को घरवालों ने जेसीपी पीयूष मोर्डिया से मिलकर पूरी कहानी बताई। जेसीपी मुताबिक घरवालों की शिकायत की पड़ताल की गई तो तथ्य सही पाए गए। इसके बाद तत्काल स्कॉर्ट को भेजकर स्थानीय पुलिस की मदद से पीड़िता को रिहैब सेंटर से मुक्त कराया गया। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक इंदिरानगर डॉ. रामफल प्रजापति ने बताया कि सेंटर पहुंचने पर डॉक्टर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पीड़िता बिल्कुल ठीक है। इसके बाद उसे मुक्त कराते हुए मायके वालों के सुपुर्द कर दिया गया। उन्होंने बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।