माल सीएचसी पर हंगामे के 24 घंटे बाद तक इलाज ठप
युवती की मौत से गुस्साए ग्रामीणों के हंगामे के 24 घंटे बाद तक माल सीएचसी में इलाज पूरी तरह ठप रहा। सीएचसी के घेराव के बाद भागे डॉक्टर और स्टाफ वापस नहीं लौटे। इस दौरान न तो वहां एक भी मरीज भर्ती किया गया और न ही प्रसव हुआ। हालात बिगड़ते देख शुक्रवार दोपहर 12 बजे के करीब पुलिस की निगरानी में इमरजेंसी और ओपीडी में इलाज शुरू कराया गया।
माल सीएचसी में आए दिन हो रहे हंगामा और बवाल के चलते सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने सीएचसी प्रभारी डॉ. विनय कुमार व डॉ. राघवेंद्र को वहां से हटा दिया। उनकी तैनाती दूसरी सीएचसी पर की गई है। सीएमओ का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में डॉक्टरों की लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है।
100 मरीज रोज आते हैं सीएचसी
माल सीएचसी में 24 बेड हैं। हर रोज आठ से दस मरीज भर्ती होते हैं। औसतन तीन से अधिक प्रसव होते है। ओपीडी में करीब 100 मरीज आते हैं। बृहस्पतिवार दोपहर में ग्रामीणों के सीएचसी घेराव होने पर डॉक्टर और कर्मचारी सीएचसी का संचालन बंद करके भाग गए थे। करीब 24 घंटे तक सीएचसी में न तो कोई मरीज भर्ती हुआ और न ही प्रसव हुआ। सभी मरीजों को दूसरी सीएचसी पर उपचार के लिए भेजा गया।
बुलाई पुलिस, पहुंचे डिप्टी सीएमओ, तब शुरू हुआ इलाज
सीएचसी के इमरजेंसी और ओपीडी में शुक्रवार सुबह मरीज पहुंचना शुरू हुए तो वहां स्वास्थ्य सेवाएं ठप मिलीं। सहमे डॉक्टर सीएचसी पर आने को तैयार नहीं थे। इसके बाद सीएमओ ने दूसरे डॉक्टरों की टीम वहां भेजी। मौके पर पुलिस भी बुला ली गई। पुलिस के पहरे में दोपहर करीब 12 बजे सीएचसी का संचालन शुरू हुआ। डिप्टी सीएमओ डॉ. डीके चौधरी समेत अन्य डॉक्टरों की टीम पूरे दिन वहां पर डटी रही।
यह है मामला
माल लतीफपुर गांव की रहने वाले राजेश सिंह की बेटी नेहा (25) को बीते बुधवार दोपहर जहरीले कीड़े ने काट लिया था। तीमारदार उसे सीएचसी लाए। परिवार का आरोप है कि पैर में दर्द होने पर डॉक्टरों ने सवा घंटे में उसे पांच इंजेक्शन लगा दिए। इस दौरान उसकी हालत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने गंभीर हालत में उसे बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया। जहां इमरजेंसी में उसे भर्ती किया गया। कुछ ही देर बाद युवती की मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार दोपहर युवती के अंतिम संस्कार बाद नाराज तीमारदार और ग्रामीणों ने सीएचसी का घेराव कर लिया। करीब 200 लोगों ने सीएचसी का घेराव किया तो ओपीडी-इनडोर से डॉक्टर और कर्मचारी भाग खड़े हुए थे।
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल से सीधी बात
- आरोप है कि युवती को जहरीले कीड़े ने काटा था और उसे पांच इंजेक्शन लगाए गए थे? क्या है मामला?
- युवती गंभीर हालत में सीएचसी लाई गई थी। पांच इंजेक्शन लगाए जाने की अभी पुष्टि नहीं है। कमेटी मामले की जांच कर रही है।
- सीएचसी में 100 मरीज रोज आते हैं, इसके बाद भी 24 घंटे तक इलाज नहीं मिला, क्या पुलिस पहले नहीं बुलाई जा सकती थी?
- सीएचसी में करीब 200 ग्रामीणों ने घेराव किया था। ऐसे में सहमे डॉक्टर-स्टाफ भाग गए थे। पुलिस को पहले ही सूचना दे दी गई थी। पुलिस के आने पर ग्रामीण वापस लौटे थे। पुलिस की मौजूदगी में नए डॉक्टरों की टीम बुलाकर सीएचसी का संचालन शुरू कराया गया।
- क्या हालात अब काबू में है?
- सीएचसी प्रभारी व डॉक्टर के हटाए जाने पर स्थिति सामान्य है। दूसरी सीएचसी के प्रभारी को जिम्मेदारी दी गई है।
- माल सीएचसी में पूर्व में एक महिला की मौत के बाद बाहरी लोगों जरिये इलाज करने का आरोप पर क्या कार्रवाई हुई ?
- माल सीएचसी में पूर्व में महिला की मौत के बाद तीमारदारों ने जो आरोप लगाए थे। वे जांच में गलत निकले। सीएचसी में कोई भी बाहरी व्यक्ति आकर मरीजों का इलाज नहीं करता है।