अयोध्या। वायरल के साथ ही इन दिनों मियादी बुखार का प्रकोप बढ़ने लगा है। जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की भरमार है। विशेषज्ञों ने सतर्कता बरतने की अपील की है। स्वच्छ व अनुशासित खानपान की सलाह भी दी है।
बारिश के मौसम में जगह-जगह हुए जलभराव में पनपे मच्छर अब डंक मारने लगे हैं। इसकी वजह से लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अमर उजाला टीम ने शनिवार को जिला अस्पताल का जायजा लिया तो इसके दुष्प्रभाव सामने आए। ओपीडी पंजीकरण काउंटर पर मरीजों की भारी भीड़ दिखी। मेडिसिन ओपीडी में दोपहर 12:20 बजे तक ही 114 मरीज पहुंच चुके थे। इनमें लगभग 40% मरीज मियादी बुखार, सर्दी, जुकाम, खांसी आदि से पीड़ित बताए गए।
इमरजेंसी ओपीडी में रात 12 बजे से 10 मरीज बुखार व पेट दर्द से पीड़ित होकर भर्ती हुए थे। वहीं, लगभग 44 बेड के मेडिकल वार्ड में तेज बुखार के 12 और पेट दर्द के आठ मरीज भर्ती थे। इस वार्ड में बेड न होने से अब मरीजों को जनरल समेत अन्य वार्ड में भर्ती किया जा रहा है।
शहर के फतेहगंज स्थित बहेलिया टोला की मीरा (48) तेज बुखार से पीड़ित थीं। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें रात 10:30 बजे जिला अस्पताल लाए, जहां उन्हें भर्ती किया गया। पूराकलंदर क्षेत्र के पिपरी निवासी अनिल कुमार (40) पेट दर्द होने से 27 अगस्त को भर्ती हुए। सोहावल निवासी केशवपती (42) व गोंडा के तरबगंज के घांचा निवासी काजोल पांडेय (23) तेज बुखार, आजमगढ़ के सिंहपुर सरैया, महोली निवासी गुरबचन (57) पेट दर्द के चलते भर्ती किए गए।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. नानक सरन ने बताया कि इन दिनों बुखार के साथ प्लेटलेट तेजी से गिर रही है, लेकिन डेंगू की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। साथ ही कई रोगियों में विडाल पॉजिटिव आ रहा है। यह मियादी बुखार उन्हें हफ्तों तक परेशान कर रहा है। इसलिए इन दिनों सतर्कता जरूरी है। ठंडी वस्तुओं के सेवन से परहेज करें, कटे फल न खाएं। कुछ खाने से पहले हाथ अच्छी तरह धुलें, पानी खुला न रखें, स्वच्छ स्थान पर भोजन बनाएं और खाएं, जल जमाव न होने दें।