मजलिस-ए-ताहफ्फुजे नामूसे सहाबा की ओर से बुधवार को ताहफ्फुजे हरम कॉन्फ्रेंस में प्रदेश भर से जुटे उलमा ने सऊदी हुकूमत के विरोध को हरमैन-शरीफैन (मक्का-मदीना) को खत्म करने की साजिश करार दिया।
वहीं यमन, इराक, लीबिया और लेबनान केहालात के लिए ईरान को जिम्मेदार बताते हुए उसे दहशतगर्दों का मददगार बताया। कॉन्फ्रेंस में इस्लामी मुल्कों के खिलाफ ईरानी कार्रवाइयों की निंदा, दहशतगर्दी को खत्म करने और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अल्पसंख्यक दर्जे को खत्म करने की साजिश के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए गए।
रकाबगंज स्थित दारुल मुबल्लिगीन के हाता शौकत अली में आयोजित कॉन्फ्रेंस में नदवा के प्रधानाचार्य मौलाना सईदुर्रहमान आजमी नदवी ने कहा कि इस्लाम विरोधी ताकतें मक्का और मदीना को नुकसान पहुंचाने के लिए खुद को मुसलमान कहलाने वाले लोगों को हथियार बना रही हैं, ताकि उन पर इस्लाम विरोधी होने का इल्जाम न लगे।