लखनऊ। पेशे से इंजीनियर अनिकेत सिंह को दीपावली बाद लखनऊ से मुंबई जाना है। उन्होंने गोरखपुर-पनवेल एक्सप्रेस की थर्ड एसी में 24 अक्तूबर का टिकट करवाया है, लेकिन 73 वेटिंग चल रही है।
उन्होंने बॉस के जरिये एक सांसद से पैरवी करवाई। उनके लेटरहेड पर इमरजेंसी कोटे के लिए सिफारिश लिखवाकर डीआरएम कार्यालय में जमा करवा दी है। ऐसे ही पूजा पाल को बेटी के साथ दीपावली के बाद लखनऊ मेल से दिल्ली जाना है। वेटिंग होने से उन्होंने एक विधायक के करीबी से सिफारिश लगवाई है।
दीपावली बाद लखनऊ से दिल्ली की लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस, तेजस सहित अन्य ट्रेनों की वेटिंग 160 से अधिक तथा मुंबई की पुष्पक, गोरखपुर पनवेल, अवध आदि ट्रेनों की वेटिंग 100 पार चल रही है। ऐसे में यात्री कंफर्म सीट के लिए इमरजेंसी कोटा पाने के लिए जुगाड़ में हैं। यह कोटा डीआरएम कार्यालय के पास होता है, जिससे सांसदों, विधायकों, मरीजों आदि को आवश्यकतानुसार सीटें दी जाती हैं। सूत्र बताते हैं कि इमरजेंसी कोटे के तहत लखनऊ में 350 के आसपास सीटें होंगी।
तत्काल से आस पूरी होने की उम्मीद कम
दीपावली बाद दिल्ली व मुंबई की ट्रेनों में तत्काल कोटे की सीटों के लिए बुकिंग होगी। हालांकि, कितने लोगों की कंफर्म सीट की आस पूरी होगी, यह देखना दिलचस्प रहेगा। तत्काल कोटे की सीटों में दलालों की सेंधमारी से यात्री परेशान हैं। पिछले एक महीने में तत्काल कोटे के 250 से अधिक यात्रियों को कन्फर्म टिकट नहीं मिले हैं।
वीआईपी ट्रेनों के लिए मारामारी सबसे ज्यादा
लखनऊ से दिल्ली व मुंबई की वीआईपी ट्रेनों में इमरजेंसी कोटे की सीटों के लिए सबसे ज्यादा मारामारी है। ऐसे में सिफारिशों के कारण कोटे के लिए आवेदनों की संख्या अभी से बढ़ने लगी है। पुष्पक एक्सप्रेस की थर्ड एसी में इमरजेंसी कोटे की 12 से 15 सीटें हैं, लेकिन इसके लिए 150 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। लखनऊ मेल के लिए आवेदकों की संख्या 175, एसी एक्सप्रेस में 120 तक पहुंच गई है।