लखनऊ। हजरत उमर फारूक रजि. के शासन का तरीका आज भी दुनिया के लिए मिसाल है। वह रसूले पाक (सल्ल) की मुराद थे। मुसलमानों को चाहिए कि वे सहाबा की जिंदगी को अपना आदर्श बनाएं और समाज में अच्छे आचरण को बढ़ावा दें। यह बात मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया की ओर से दारूल उलूम फरंगी महल में बुधवार से शुरू दस दिवसीय जलसे शुहादा-ए-दीन-ए-हक व इस्लाह-ए-मुआशरा के पहले जलसे में कही।
उन्होंने कहा कि मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का बेहद अहम और बरकत वाला महीना है। इस महीने की फजीलत और उससे जुड़े वाकिआत से लोगों को अवगत कराना जरूरी है। जलसे की शुरुआत कारी कमरुद्दीन की तिलावत से हुई। संचालन मौलाना हारून निजामी ने किया। समापन मौलाना खालिद रशीद की दुआ के साथ हुआ।