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UP News: नकली दवाओं का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, राजस्थान और उत्तराखंड से यूपी में हो रही थी सप्लाई

Sun, 19 Jul 2026 10:17 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

राजस्थान और उत्तराखंड से यूपी में नकली दवाएं आ रही हैं। एफएसडीए की जांच में नकली दवाओं के संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मामले में सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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नकली दवाओं का बड़ा नेटवर्क बेनकाब।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में राजस्थान और उत्तराखंड से नकली दवाएं आ रही हैं। इन दवाओं को नकली दवा आपूर्ति गिरोह विभिन्न बाजारों तक पहुंचा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) की जांच में यह खुलासा हुआ है। एफएसडीए ने इस गिरोह से जुड़े राजस्थान के दो लोगों सहित सात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

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प्रदेश में नकली दवाओं के खिलाफ सप्ताहभर से चल रहे अभियान में पता चला कि राजस्थान में दवाएं बनाई जा रही हैं। वहां से ब्रांडेड कंपनियों के रैपर लगाकर यूपी के महानगरों में पहुंचाया जा रहा है। अब तक की पड़ताल में बीपी में प्रयोग होने वाली टेल्मा, दर्द निवारक जीरोडॉल गैस की दवा पैनटॉप सहित विभिन्न तरह की एंटीबायोटिक्स और सर्दी जुकाम में प्रयोग होने वाली करीब करीब 20 नकली दवाएं पकड़ी हैं।

संबंधित दुकानदार से रसीद लेना न भूलें

यह भी जानकारी मिली है कि राजस्थान निवासी भूपेंद्र शर्मा और गुर्जर नाम के व्यक्ति नकली दवाएं बनाते हैं। वे आगरा की मंडी में पहुंचाते हैं। वहां से दवाएं छोटे पैकेट में यूपी के विभिन्न शहरों तक पहुंचती हैं। एपएसडीए ने राजस्थान के भूपेंद्र और गुर्जर के अलावा प्रयागराज के वीरू सिंह चैहान, सीतापुर के रिहान के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। सहायक आयुक्त ब्रजेश कुमार ने विक्रेताओं से अपील की है कि थोक दुकानों से दवा खरीदते वक्त बिल जरूर लें। मरीज व तीमारदार भी संबंधित दुकानदार से रसीद लेना न भूलें।

ऐसे हुआ खुलासा

एफएसडीए के औषधि निरीक्षक संदेश मौर्य एवं विवेक कुमार सिंह ने अमीनाबाद स्थित अवैध गोदाम का निरीक्षण किया। यहां भारी मात्रा में एलोपैथिक औषधियां मिलीं। जांच में पता चला कि नकली दवाओं पर नामचीन ब्रांडों का लेवल लगाकर सप्लाई किया जा रहा है। यहां पकड़े गए रंजीत सिंह जुल्का के पास न तो लाइसेंस मिला और न ही दवाओं के खरीद बिक्री संबंधी कोई अभिलेख। 

कार्रवाई के दौरान 27 नमूने लिए गए। यहां से करीब 21 लाख की दवाएं जब्त की गई। पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर बक्शी का तालाब से राज विक्रम सिंह को गिरफ्तार किया गया। यहां से चार नमूने लिए गए और तीन लाख की अवैध दवाएं सील की गई। ऐसे ही गोंडा में अमन कसौधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। यहां जांच पड़ताल के दौरान एफएसडीए को टीम को पता चला कि पूरा नेटवर्क राजस्थान से संचालित हो रहा है।
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नकली ही नहीं नशीली दवाओं का भी चल रहा कारोबार

प्रदेश में नकली ही नहीं नशीली दवाओं का भी कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। गोंडा के बरियार पुरवा में तीन दिन चली जांच के दौरान कई नकली व नशीली दवाएं भी पकड़ी गई हैं। ये दवाएं बिना लाइसेंस के निजी गोदाम से बेची जा रही थीं। तीन दिनों तक चली जांच में उत्तराखंड से बनने वाली दवाएं भी मिली हैं। इनमें डिप्ट्रम प्लस, सेम्प्लॉक्स प्लस, रोमर स्पास, ट्रामाडोल इंजेक्शन, कोडीन सिरप मुख्य हैं।

नकली ही नहीं नशीली दवाओं का भी चल रहा कारोबार

प्रदेश में नकली ही नहीं नशीली दवाओं का भी कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। गोंडा के बरियार पुरवा में तीन दिन चली जांच के दौरान तमाम नकली के साथ ही नशीली दवाएं भी पकड़ी गई है। ये दवाएं बिना लाइसेंस के निजी गोदाम से बेचा जा रहा है। तीन दिनों तक चली जांच में उत्तराखंड से बनने वाली दवाएं भी पकड़ी गई है। सीज की गई करीब 1.13 करोड़ की दवाओं में डिप्ट्रम प्लस, सेम्प्लाक्स प्लस, रोमर स्पास, ट्रामाडोल इंजेक्शन, कोडिन सिरप आदि शामिल हैं।
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