कोचिंग वालों ने किया था सीधी कार्रवाई का विरोध
अलीगंज अग्निकांड की घटना के दो दिन बाद एलडीए और अग्निशमन विभाग ने बड़े पैमाने पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू की। इसके बाद होटल और कोचिंग संचालकों के साथ बैठक भी की। बैठक में विद्युत सुरक्षा उपायों को पूरा करने पर जोर दिया गया। ऐसा न करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
होटल वालों ने तो इस मसले पर कोई विरोध प्रकट नहीं किया लेकिन कोचिंग वालों ने सीलिंग की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उनका कहना था की कोचिंग पर मनमाने तरीके से कार्रवाई की जा रही है। जिस बिल्डिंग में आग लगी थी वह एक एनिमेशन सेंटर था और वहां पर पेट शॉप सहित अन्य दुकानें भी चल रही थी, जबकि कोचिंग में सिर्फ पढ़ाई होती है। यह भी आरोप लगाया था कि जिन सुरक्षा मानकों को अपनाने के लिए बात कही जा रही है, संबंधित विभागों से उनकी एनओसी मिलने में बहुत परेशानी होती है।
विभाग के लोग बहुत दौड़ते हैं। विरोध को देखते हुए एलडीए के अधिकारियों ने कहा कि वह एक हेल्प डेस्क बनाएंगे जहां कोचिंग संचालक अपनी समस्याएं बता सकते हैं। जिनकी बिल्डिंगों की गलत सीलिंग हुई होगी उनको जांच के बाद खोला जाएगा।
15 मीटर से कम ऊंचाई वालों को छूट
एलडीए ने यह भी तय किया है कि जो लोग 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले भवनों का व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं, उन्हें सेल्फ सर्टिफिकेशन के लिए प्रेरित किया जाएगा। सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
इन मामलों में होगी सीधी कार्रवाई
- बहुमंजिला आवास, होटल, अस्पताल और कॉम्प्लेक्स जिनमें पहले ध्वस्तीकरण या सीलिंग के आदेश हैं, उन्हें एक सप्ताह का नोटिस देकर कार्रवाई होगी।
- जहां अग्निशमन व्यवस्था अपूर्ण है, वहां अग्निशमन विभाग से पत्र लेकर भवन स्वामी को एक सप्ताह का समय दिया जाएगा।
- बिना मानचित्र वाले और अवैध भवनों को एक सप्ताह का समय देने के बाद सीलिंग या ध्वस्तीकरण होगा।
- आवासीय मानचित्र पर व्यावसायिक उपयोग करने वालों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर होगा।
- पार्किंग और बेसमेंट का अन्य उपयोग करने वालों को एक सप्ताह में स्वीकृत उपयोग शुरू करना होगा।