सपा ने मांग की है कि पाबंदी हटाई जाए और स्टार प्रचारकों को डराने धमकाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ताकि निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराया जा सके। सपा ने यह भी आरोप लगाया है कि मैनपुरी में 13 पुलिस थानों में छह ठाकुर, चार ब्राह्मण, दो जाट और एक अन्य पिछड़ा वर्ग का थानाध्यक्ष नियुक्त है।
समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में पार्टी के करीब 30 हजार से अधिक कार्यकताओं को शांति भंग की आशंका जताते हुए नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस के जरिए सुरक्षा के नाम पर पार्टी कार्यकर्ताओं को डराने, धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।
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सपा के प्रतिनिधि मंडल में शामिल पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी, वरिष्ठ नेता केके श्रीवास्तव, डा. हरिश्चंद्र यादव, राधेश्याम सिंह ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपे ज्ञापन में प्रशासन एवं पुलिस पर भाजपा के दबाव में कार्य करने का आरोप लगाया। बताया कि सुरक्षा के नाम पर 30 हजार से अधिक कार्यकताओं को नोटिस भेज कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।
उन्होंने मांग की है कि पाबंदी हटाई जाए और स्टार प्रचारकों को डराने धमकाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ताकि निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराया जा सके। सपा ने यह भी आरोप लगाया है कि मैनपुरी में 13 पुलिस थानों में छह ठाकुर, चार ब्राह्मण, दो जाट और एक अन्य पिछड़ा वर्ग का थानाध्यक्ष नियुक्त है। भाजपा समर्थक पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया जा रहा है। यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के हजारों कार्यकर्ता घर-घर डेरा डालकर खुलेआम रुपये बांट रहे हैं। दलित वर्ग के मतदाताओं को धमका रहे हैं।