रामगोपाल, अखिलेश यादव व शिवपाल सिंह
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समाजवादी पार्टी अभी तक मैनपुरी और रामपुर उपचुनाव के लिए उम्मीदवार तय नहीं कर पाई है। पार्टी के नेता इन दोनों सीटों पर टकटकी लगाए हैं। मुलायम सिंह यादव की विरासत को कौन आगे बढाएगा, इस पर सभी की निगाह है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, प्रो राम गोपाल यादव और प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव इटावा में रहे, लेकिन चुनावी बैठक नहीं हुई।
सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र का उपचुनाव हो रहा है। उम्मीद थी कि इस सीट पर पूरा परिवार एकजुट है। कुछ समय पहले शिवपाल ने एलान किया था कि मुलायम सिंह यादव के चुनाव मैदान में न उतरने पर वह मैनपुरी से चुनाव लड़ेंगे। मुलायम सिंह के अंतिम कार्यक्रम केदौरान पूरा परिवार एक रहा। सपा अध्यक्ष और शिवपाल के बीच दूरियां कम होती नजर आई हैं। उम्मीद थी कि रविवार को सैफई पहुंचने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और परिवार के सदस्यों केबीच इस सीट को लेकर चर्चा होगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
बताया जाता है कि इटावा में आयोजित शादी समारोह में अखिलेश यादव और प्रो राम गोपाल साथ-साथ पहुंचे, जबकि शिवपाल दूसरे कार्यक्रम में रहे। सैफई आवास पर सभी की एक साथ बैठकी नहीं हो पाई है। ऐसे में मैनपुरी से उम्मीदवार कौन होगा, इस सवाल बरकरार है। हालांकि तेज प्रताप यादव सक्रिय भूमिका में हैं। परिवार में दखल रखने वालों का कहना है कि मुलायम सिंह यादव की मैनपुरी में सियासी विरासत को आगे बढ़ाने का मौका तेज प्रताप को मिल सकता है।
नौ के बाद तय होगा रामपुर
रामपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव होना है। यहां से विधायक आजम खां को कोर्ट से दोषी ठहराए जाने के बाद यह सीट रिक्त घोषित की गई है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगा रखी है। इस पर नौ नवंबर को सुनवाई है। ऐसे में रामपुर विधानसभा सीट पर सपा का प्रत्याशी नौ के बाद ही तय होगा। पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि इस सीट पर चुनाव में आजम खां के आसपास हमेशा साए की तरह रहने वाले शख्स को मौका मिलना तय माना जा रहा है। क्योंकि उनकी पत्नी की तबीयत खराब रह रही है। ऐसे में उनके चुनाव लड़ने की संभावना कम है।