लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी के सेलिब्रिटी ग्रीन निवासी महिला अधिवक्ता प्रीति शुक्ला के अपहरण के मामले में मुख्य साजिशकर्ता बबलू अंबेडकर सहित तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। मामले में तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वारदात छह जून की है। महिला वकील को मंगलवार रात एसटीएफ व लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने मुक्त कराया था।
एडीसीपी दक्षिण पूर्णेंदु सिंह के मुताबिक हाईकोर्ट की महिला वकील प्रीति शुक्ला को कार सवार बदमाशों ने छह जून को अगवा कर मोहनलालगंज के हरकंशगढ़ी गांव में एक मकान में बंधक बनाकर रखा और उनके पति व हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग शुक्ला से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। इसकी जानकारी के बाद एसटीएफ और लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार देर शाम को प्रीति मुक्त कराते हुए मौके से एक आरोपी संतोष चौबे को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में मोहनलालगंज व सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस के साथ दो अन्य आरोपी रोहित और लवकुश भी दबोच लिए गए।
प्रभारी निरीक्षक सुशांत गोल्फ सिटी विजयेंद्र सिंह के मुताबिक अपहरण से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। बृहस्पतिवार देर रात जबरौली गांव में दबिश देकर मास्टर माइंड देव प्रताप उर्फ बबलू अंबेडकर को दबोच लिया गया। वह अंबेडकर भीम आर्मी का सक्रिय सदस्य है। उससे पूछताछ के बाद दो अन्य आरोपियों धर्मावतखेड़ा निवासी दिलीप यादव व दहियर निवासी राहुल गौतम को भी शुक्रवार दोपहर में गिरफ्तार कर लिया गया। दिलीप के पास से एक मारुति वैन भी मिली है।
मोटी रकम के लालच में किया अपहरण
मास्टर माइंड बबलू अंबेडकर ने पुलिस को बताया कि मोटी रकम के लालच में उसने अपहरण की योजना बनाई। इसके लिए 15-20 दिनों तक प्रीति शुक्ला की रेकी की। प्रीती शाम सात बजे के करीब टहलने निकलती थीं। वारदात के 15 दिन पहले उसने प्रीति के चक्कर में एक दूसरी युवती को अगवा करने की कोशिश की, लेकिन गलती का एहसास होने पर उसे छोड़कर भाग गया। इसके बाद वह काफी सतर्क से छह जून को अपहरण कर लिया। बबलू ने बताया कि उसने अनुराग शुक्ला के बारे में काफी जानकारी हासिल की थी, जिसमें यह भी पता चला कि वह कई बड़े बिल्डरों के साथ प्रदेश सरकार के एक पूर्व कैबिनेट मंत्री के वकील हैं। इससे उनके पास काफी रुपया होगा। इसीलिए पत्नी का अपहरण कर एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। वहीं पुलिस की गिरफ्त में आया दिलीप यादव वैन चालक तो राहुल गौतम दिहाड़ी मजदूर है। दोनों को मोटी रकम का लालच देकर बबलू ने योजना में शामिल किया था।
मास्टर माइंड का करीबी सिपाही भी निशाने पर
प्रीति शुक्ला को अगवा करने वाले देव प्रताप उर्फ बबलू अंबेडकर का करीबी सिपाही भी इस मामले में पुलिस के रडार पर आ गया है। आरोप है कि वह पुलिस के एक-एक कदम के बारे में मास्टर माइंड को जानकारी देता था। सिपाही ने बबलू से 6 जून से 8 जून के बीच में कई बार बात की है। इसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों को भी हो चुकी है। इसलिए उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। जांच में दोषी पाए पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सिपाही कुछ दिन पहले ही मोहनलालगंज थाने हटाया गया था। अपहरण कांड का मास्टर माइंड बबलू अंबेडकर मोहनलालगंज कोतवाली के गांव जबरौली का रहने वाला है। उसकी दोस्ती मोहनलालगंज में तैनात एक हम उम्र सिपाही से हो गई थी। सिपाही बबलू के सभी अपराधों को पूरा संरक्षण देता था। इसी करतूत के खुलासे के बाद उसे मोहनलालगंज से हटाकर सुशांत गोल्फ सिटी में तैनात किया गया था।