इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार इस बात का पता लगा रही है कि यह घटना स्थानीय हालात का स्वाभाविक नतीजा था या इसके पीछे कोई सोची समझी योजना थी। राज्य सरकार ने रिपोर्ट में उन हालात का भी जिक्र किया है, जिनमें चंदन गुप्ता मारा गया।
कासगंज में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। अभी अधिकारियों को कासगंज में ही कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार इस घटना की जांच सभी पहलुओं से कर रही है। सूत्रों के मुताबिक गृहमंत्री राजनाथ सिंह प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर संसद में बयान दे सकते हैं।
कई और अफसरों पर गिरेगी गाज
गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में कई मौकों पर पुलिस की लापरवाही बताई गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही कुछ और अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। यह बात भी सामने आई है कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने भी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई।
सूत्रों की मानें तो दो मामलों में पुलिस की कमजोरी रही है। हिंसा को काबू करने में ढिलाई बरती गई और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी हुई। अब भी कई आरोपी फरार हैं। हालांकि रिपोर्ट में लापरवाही पर कोई टिप्पणी नहीं है।