राजधानी लखनऊ में मानव तस्करी का मुख्य आरोपी आलमबाग निवासी सुनील मलिक एक माह बाद भी पुलिस के हाथ नहीं लगा। खास बात ये है कि सुनील के पास एक बच्चा भी था, जो अभी तक बरामद नहीं किया जा सका।
पुलिस के आने से पहले ही भाग निकला आरोपी : कानपुर पुलिस ने 12 दिसंबर को आरोपी सुनील के आलमबाग स्थित घर पर दबिश दी थी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही सुनील बच्चे को लेकर भाग निकला था। उसका फोन भी बंद है। पुलिस ने करीब आठ संभावित ठिकानों पर छापा मारा, लेकिन सुनील का सुराग नहीं मिला।
सुनील ने गुरुग्राम निवासी दलाल पप्पू यादव के जरिए बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से श्रीभगवान महतो उर्फ रामू से 12 व 8 साल के बच्चों को 60 हजार रुपये में खरीदा था। माना जा रहा है कि इसके पहले भी कई बच्चों की तस्करी की गई है। सुनील के गिरफ्तार होने के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट होगा।