महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी से रिश्वत लेने और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पुलिस ने आरोपी सुरेश सोनी, ब्रह्मदत्त तिवारी और कबरई थाना के तत्कालीन प्रभारी देवेंद्र शुक्ल के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश गौरव शर्मा ने इस पर सुनवाई के लिए 8 दिसंबर की तारीख तय की है।
मामले के विवेचक व प्रयागराज के एएसपी आशुतोष मिश्र ने बताया कि चार्जशीट में कुल 46 गवाहों की गवाही दर्ज की गई। वहीं, महोबा के पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार और सिपाही अरुण कुमार यादव के खिलाफ विवेचना चल रही है।
पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर बताया कि वादी रविकांत ने 11 सितंबर को कबरई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पाटीदार ने विस्फोटक पदार्थ कारोबारी सुरेश सोनी और ब्रह्मदत्त से साठगांठ कर उसके भाई इंद्रकांत त्रिपाठी से छह लाख रुपये प्रतिमाह की मांग की और नहीं देने पर मुकदमा दर्ज कर जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी थी। जून व जुलाई में पाटीदार ने इंद्रकांत से जबरन 6.6 लाख रुपये वसूले। इससे व्यथित इंद्रकांत ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा व प्रेसवार्ता की। इससे घबराकर पाटीदार, सुरेश, ब्रह्मदत्त व अन्य ने इंद्रकांत की गोली मारकर हत्या करने का प्रयास किया। विवेचना के दौरान इंद्रकांत की मौत गई। वहीं, आगे की विवेचना में पता चला कि इंद्रकांत ने प्रताड़ना से दुखी होकर खुद को गोली मार ली थी।
इस मामले में विस्फोटक कारोबारी सुरेश व ब्रह्मदत्त, कबरई के तत्कालीन थाना प्रभारी देवेंद्र शुक्ल और कांस्टेबल अरुण कुमार यादव जेल में बंद हैं। जबकि तत्कालीन पुलिस कप्तान पाटीदार फरार चल रहे हैं। पुलिस ने माना कि पाटीदार और अन्य आरोपियों ने इंद्रकांत से पैसे वसूले। इतना ही नहीं, उसे जुआ के झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए नामजद न होने के बावजूद नोटिस जारी किया गया। इससे क्षुब्ध होकर इंद्रकांत ने अवसाद में आकर खुद को गोली मार ली।
सुरेश व ब्रह्मदत्त की जमानत अर्जी खारिज
महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्र कांत त्रिपाठी को प्रताड़ित करके आत्महत्या के लिए मजबूर करने और रिश्वतखोरी मामले में विस्फोटक कारोबारी सुरेश सोनी और ब्रह्मदत्त की जमानत अर्जी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश गौरव शर्मा ने खारिज कर दिया है।