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प्रसन्न हो जाएंगे भोले बाबा, ऐसे करें उनकी पूजा

Thu, 27 Feb 2014 09:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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डालीगंज निवासी पं. कृष्णकांत ने बताया कि महाशिवरात्रि पर भोले बाबा को खुश करने के लिए सुबह स्नान कर फल, पुष्प, काले तिल, बिल्व पत्र, गंगाजल, शहद, घृत, गौदुग्ध, दधि, शर्करा, वस्त्र, मिष्ठान, मौसमी फल, भांग, धतूरा, ईख रस और बेर अर्पण कर पंचाक्षर जप से आराधना करनी चाहिए। बाद में घृत-कर्पूर से आरती उतारनी चाहिये।
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इन मंदिरों में होगा खास

गुरुवार को शिवरात्रि के पर्व पर मंदिरों और शिवालयों के भोर से ही कपाट खुल जाएंगे।

प्राचीन शिवालय मन कामेश्वर मंदिर, कल्याण गिरि, बुद्धेश्वर महादेव सहित तमाम शिवालयों में सुबह से ही भक्त भोले बाबा का विशेष श्रृंगार कर आराधना करेंगे।

वहीं, शहर में कहीं शिव बारात निकलेगी तो कहीं शोभायात्रा। शिवरात्रि के दिन मंदिरों में भारी तादाद में श्रद्धालुओं के जुटने के चलते विशेष इंतजाम किए गए हैं।

प्राचीन डालीगंज के मन कामेश्वर महादेव मंदिर की महंत देव्या गिरि ने बताया कि बृहस्पतिवार को भोर से ही मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे।

मेनगेट से एंट्री होगी और पिछले गेट से भक्तों का निकास होगा। उन्होंने बताया कि मंदिर में सुरक्षा के भारी इंतजाम हैं।

भक्त लगभग आधा दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जद में रहेंगे। इसके अलावा महारुद्राभिषेक होगा।

शाम की आरती भी प्रोजेक्टर पर दिखाई जाएगी। मंदिर जाने के लिए कतारों में लगने वाले भक्तों को गंगाजल भी बांटा जाएगा।

शिव भक्त मनीष गुप्ता ने बताया कि इस बार लगभग 50 हजार गंगाजल की बोतल बांटने की तैयारी है। कोनेश्वर मंदिर में भोर में कपाट खुलने के बाद दिन भर दर्शन-भजन होंगे।

ठाकुरगंज के मां पूर्वी देवी बाघंबरी शिव मंदिर में शाम को दीपदान, भजन संध्या और महाप्रसाद वितरण होगा। दीप ज्योतिर्लिंग सजेगा।

होगी महाकाल मंदिर में भस्म आरती

राजेंद्रनगर स्थित महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि पर सुबह 4:45 बजे उज्जैन की तर्ज पर भस्म आरती होगी। दिनभर जलाभिषक श्रृंगार के अलावा रुद्राभिषेक होगा।

सदर में स्थित शहर के एकमात्र द्वादश ज्योतिर्लिंग तीर्थ में तड़के 3 बजे 18 जोड़े बाबा का रुद्राभिषेक करेंगे। दिन भर पूजन के बाद शाम को करीब एक क्विंटल फूलो से श्रृंगार किया जाएगा।

किशोर चतुर्वेदी की भजन संध्या होगी। वहीं, बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में भोर 4 बजे से मंदिर के कपाट खुल जाएंगे। शाम को रुद्राभिषेक के बाद महाप्रसाद बंटेगा। मेला भी लगेगा।

इसके अलावा चौक चौपटिया के बड़ा शिवाला, छोटा शिवाला, स्वप्नेश्वर महादेव मंदिर, मौनी बाबा मंदिर, एचएएल मंदिर, भूतनाथ मंदिर, सिद्धेश्वर महादेव मंदिर समेत तमाम शिवालयों में बाबा का पूजन होगा।

सभी सुख चाहिए तो गौदुग्ध से करें अभिषेक

महानगर निवासी आचार्य प्रदीप ने बताया कि महाशिवरात्रि पर हल्दी से भगवान भोले का पति-पत्नी साथ अभिषेक करे तो आपसी मनमुटाव दूर होता है।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा तमाम प्रकार के सुखों के लिए निमभन प्रकार से पूजन श्रेयस्कर रहेगा।
- वाहन सुख के लिए शिव लिंग को गुलाब के फूलों से ढक कर पूजन करें।
- संतान सुख के लिए धतूरों के फल से करें।
- आरोग्यता के लिये कुशा से पूजन करें।
- लक्ष्मी प्राप्ति के लिए शर्करा या ईख रस से पूजन करें।
- अभीष्ट सिद्धि के लिए शहद से पूजन फलदायी रहेगा।
- समस्त सुखों की प्राप्ति के लिए गौदुग्ध से पूजन करें।

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राशियों के अनुसार शिव पूजा

मेष राशि : सुबह लाल रंग के कपड़े धारण कर, लाल रंग के पुष्पों और काले तिल के साथ पूजन करें।
वृष राशि : अभिजित मुहूर्त में (सुबह 11:30 से 12:30 बजे के बीच) पूजन विशेष फलदायी।
मिथुन राशि : दोपहर से पहले रंग-बिरंगे वस्त्रों को धारण कर पूजन करें।
कर्क राशि : सफेद पुष्प, सफेद कपड़े धारण कर सफेद मिष्ठान और दूध के साथ पूजन करें।
सिंह राशि : गुड़ या ईख रस से सुबह पूजन करें, उदर विकार से मुक्ति मिलेगी। एकादश की संख्या में फल अर्पित करें।
कन्या राशि : रंगीन कपड़ों को धारण कर दूर्वा, घृत-तेल दीपक और तिल से पूजन करें। शनि की साढ़े साती से राहत मिलेगी।
तुला राशि : गुलाबी वस्त्र धारण कर गुलाब के पुष्पों से बाबा की पूजा करें तो दांपत्य जीवन सुखमयी रहेगा।
वृश्चिक राशि : दूर्वा के साथ हरित रंग के कपड़ों से पूजन करें, जिससे राहु का प्रभाव कम होगा। दही बड़े का भोग लगाएं।
धनु राशि : पीतवर्णी वस्त्रों के साथ पूजन करें। पीत फल, पुष्पों से पूजन करें।
मकर और कुंभ राशि : नीले-हरे वस्त्रों को धारण कर शिव का पूजन करें, तिल से पूजन बहुत ही लाभकारी।
मीन राशि : पीत वस्त्र धारण कर सुबह से मध्यरात्रि तक पूजन करें, 21 बेर चढ़ाएं।
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