आजमगढ़ स्थित महर्षि दुर्वासा आश्रम 76 लाख से संवारा जाएगा। यहां पर सावन और कार्तिक महीनों समेत अन्य पर्वों पर मेला लगता है। इसमें श्रद्धालुओं का रेला पहुंचता है।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ स्थित महर्षि दुर्वासा आश्रम का पर्यटन विभाग विकास कराएगा। हाल के वर्षों में दुर्वासा ऋषि स्थल श्रद्धालुओं की पहली पसंद बनकर उभरा है। पर्यटन विभाग ने इसके विकास, सौंदर्यीकरण व मूलभूत सुविधाओं की स्थापना के लिए 76.32 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।
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पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि साल भर फूलपुर स्थित महर्षि दुर्वासा आश्रम में श्रद्धालुओं का आना लगा रहता है। श्रद्धालु यहां भगवान शिव और महर्षि दुर्वासा के दर्शन कर मनोकामनाएं मांगते हैं। यह स्थल अपनी आध्यात्मिक शांति और रमणीयता के लिए विख्यात है। सावन और कार्तिक मास सहित प्रमुख पर्वों पर यहां मेलों का आयोजन होता है। इसमें बड़ी की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
हमारी सांस्कृतिक विरासत का भी अभिन्न अंग है यह पावन स्थली
जयवीर सिंह ने बताया कि हर कार्तिक पूर्णिमा को यहां लगने वाले तीन दिवसीय मेले में विभिन्न राज्यों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु स्नान करने आते हैं। महर्षि दुर्वासा जैसे महान तपस्वी की तपोस्थली को विकसित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। आजमगढ़ की यह पावन स्थली न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत का भी अभिन्न अंग है। हमारा उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिले।