जिले के चांदा बाजार निवासी शेष नारायण दूबे ने बताया कि उनके भाई कपिल देव व दीप नारायण मुंबई में काम करते हैं जबकि एक भाई दयाशंकर कोलकाता में रहते हैं। भाई की हत्या के बाद लॉकडाउन होने की वजह से तीनों भाई अलग-अलग स्थानों पर फंसे हैं। भाजपा विधायक देवमणि ने भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेमशंकर शुक्ल से फोन पर वार्ता कर बाहर फंसे तीनों भाइयों को पैतृक गांव लाने की व्यवस्था का आग्रह किया किया था।
12 जनवरी को अंतिम बार आए थे गांव
संत सुशील गिरी के बड़े भाई शेष नारायण दूबे ने बताया कि उनके छोटे भाई और महंत सुशील गिरी पिछली 12 जनवरी को गांव आए थे। एक दिन गांव में विश्राम करने के बाद वापस मुंबई चले गए। छोटे भाई की मौत से दुखी शेष नारायण बताते हैं कि उन्हें वो दिन याद है जब उनका भाई दिसंबर 1996 में घर से चला गया था।