भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, बिजली व पानी की आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था ने गोरखपुर, मेरठ, हापुड़, लखनऊ, सीतापुर, कन्नौज, इटावा और झांसी को मालामाल किया है। पर्यटन, परिवहन, पानी, पूजापाठ की सामग्री आदि ने मथुरा, वाराणसी, कानपुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कानपुर देहात और बागपत को करोड़ों रुपये का काम दिया है। प्रदेश के 82 बड़े ब्रांड्स और देश के 178 ब्रांड्स ने भी अस्थायी रूप से 9000 युवाओं को रोजगार दिया है। टेंट सिटी ने स्थायी रूप से 2000 से ज्यादा रोजगार दिए हैं।
महाकुंभ ने खोले हर जिले के लिए रोजगार और आय के रास्ते
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंघल के मुताबिक महाकुंभ ने हर जिले के लिए रोजगार और आय के रास्ते खोले हैं। होटल, रेस्टोरेंट, खाने-पीने के खोमचे, हवाई यात्रा, रेल और सड़क परिवहन की मांग 80 गुना तक बढ़ेगी। वहीं, निर्माण, सुरक्षा, सफाई व स्वास्थ्य सेवाओं में लगभग 10 हजार श्रमिकों व अकुशल कारीगरों को रोजगार मिलेगा। इनकी सर्वाधिक आपूर्ति गोंडा, देवरिया, बलिया, महराजगंज, कुशीनगर, कानपुर, कौशांबी, चित्रकूट, महोबा, बांदा, हमीरपुर और गाजीपुर से हो रही है।