महाकुंभ में स्नान करने जाते नागा साधु।
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आईआईएम प्रोफेसर के मुताबिक कुंभ में शोध कार्यों को लेकर दुनियाभर में रुचि बढ़ती जा रही है। वर्ष 2000 के बाद कुंभ या उससे जुड़े विषयों पर निरंतर शोध चल रहा है। वर्ष 2023-24 में स्कोपस डाटाबेस के अनुसार 25 से ज्यादा शोध कुंभ की थीम पर किए गए हैं। कुंभ के प्रति दुनियाभर के शोधकर्ताओं में बढ़ती रुचि बेहद महत्वपूर्ण है। साफ है कि कुंभ न केवल धार्मिक या आध्यात्मिक उत्सव ही नहीं है बल्कि उसका सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व भी है।
15 फीसदी की दर से बढ़ रहा आध्यात्मिक पर्यटन
प्रोफेसर शुक्ला ने बताया कि कुंभ की वजह से बुनियादी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे पर खर्च की गई धनराशि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देगा। देश में धार्मिक पर्यटन के सबसे बड़े केंद्र के रूप में यूपी उभरेगा। वैश्विक कंपनी कोहेरेंट मार्केट इनसाइट्स के मुताबिक यहां आध्यात्मिक पर्यटन 15 फीसदी सालाना की दर से बढ़ रहा है। वर्ष 2030 तक 3200 मिलियन डालर का बाजार होगा, जिसमें यूपी की भागीदारी सबसे बड़ी होगी।