नौनिहालों की सेहत पर खतरा बनने के बाद प्रदेश में प्रतिबंधित मैगी की बिक्री तय सुरक्षा मानक के आधार पर प्रदेश के बाजारों में फिर से शुरू होगी। प्रदेश के खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के आयुक्त बीके सिंह ने बीते छह माह से प्रदेश में मैगी की बिक्री पर लगी रोक हटाए जाने की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में मई 2015 में केंद्रीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसए) के स्तर पर मैगी उत्पाद की बिक्री व भंडारण पर लगे प्रतिबंध के बाद मैगी बिक्री को रोका गया था।
एफएसएसए ने नेस्ले इंडिया के उत्पाद मैगी की बिक्री पर यह प्रतिबंध महाराष्ट्र हाईकोर्ट में लंबित वाद के आधार पर लागू किया था। एफएसडीए आयुक्त ने बताया कि गुरुवार को उनकी केंद्रीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के इन्फोर्समेंट डायरेक्टर राकेश चंद्रा से मैगी की बिक्री होने अथवा न होने देने के संबंध में विस्तृत बातचीत हुई।
चन्द्रा ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र हाईकोर्ट में लंबित जिस वाद के आधार पर मैगी की बिक्री पर रोक लगायी गयी थी उसमें कोर्ट द्वारा सुरक्षा मानकों के अनुपालन के आधार पर उत्पादन कंपनी को मैगी उत्पाद बेचने देने का निर्णय किया है।
इसके बाद एफएसएसए ने बिक्री रोके जाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी भी दाखिल कर दी है, लेकिन इस मामले की सुनवायी अभी लंबित है। ऐसे में विधिक तौर पर मैगी की बिक्री पर फिलहाल कोई प्रतिबंध नहीं माना जा सकता।