ऊंचाहार (रायबरेली)। रोहनिया ब्लॉक के लिए अभिशाप बनी बकुलाही झील की सफाई शुरू हो गई। लगभग 90 लाख रुपये से 47 किमी तक झील की सफाई होगी। मंगलवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने रसूलपुर गांव के पास पूजा कर मशीन से झील की सफाई शुरू कराई।
लगभग 177 किमी लंबी बकुलाही झील (ड्रेन) समसपुर से निकलकर प्रतापगढ़ जिले में खजुरनी गांव के पास सई नदी में मिल जाती है। लगभग 40 वर्षों से बकुलाही में सिल्ट जमा होने से पानी का बहाव रुका है। खेतों में पानी भरने से लगभग तीन हजार हेक्टेयर जमीन ऊसर हो गई और किसान तंगहाली में आ गए। अमर उजाला ने अभियान चलाकर इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
जिसके बाद शासन ने संज्ञान लिया और सिंचाई खंड प्रतापगढ़ को सफाई कराने का निर्देश दिया। मंगलवार को विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने उसरैना में जनसभा कर सफाई कार्य शुरू कराया। विधायक ने कहा कि सरकार गरीब, किसान, नौजवानों के विकास और उनको सुविधाएं दिलाने के लिए योजनाएं चला रही है। बकुलाही की सफाई होने से क्षेत्र का किसान समृद्ध होगा। खेतों में फसल पैदा होगी।
सफाई के संबंध में अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड प्रतापगढ़ आशुतोष सारस्वत ने बताया कि रोहनिया में बकुलाही का हिस्सा लगभग 12 किमी है। कुछ हिस्सा प्रतापगढ़ के बाबागंज विधानसभा में आता है। कुल 47 किमी सफाई कराने की योजना बनी है। काम शुरू करा दिया गया है।
विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि झील जिसे बकुलाही ड्रेन से जाना जाता है, उसकी सफाई शुरू करा दी गई है। 47 किमी तक इसकी सफाई होगी। कई चरणों में सफाई कार्य होंगे। बकुलाही की सिल्ट उठने से सीपेज की समस्या खत्म होगी और किसानों के लिए तरक्की की रास्ता निकलेगा।
हमीरपुर में अंबेडकर सम्मान यात्रा निकालते हुए कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता। स्रोत : संवाद