मरीजों को बेबी किट देतीं चारू चौधरी।
लखनऊ। झलकारीबाई अस्पताल में प्रसव के बाद मां के जरिये बच्चे को दूध पिलाने में हुई लापरवाही से दूध बच्चे के फेफड़े में पहुंच गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने बच्चे को बाइपैप पर रखा था, लेकिन तीमारदार ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी से निरीक्षण के दौरान वेंटिलेटर न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद उपाध्यक्ष के निर्देश पर बच्चे को तत्काल लोहिया अस्पताल के मातृ एवं शिशु रेफरल सेंटर में भर्ती कराया गया।
शनिवार सुबह करीब 11 बजे उप्र राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी झलकारीबाई अस्पताल के निरीक्षण पर पहुंची थीं। उन्होंने ओपीडी, इमरजेंसी, ओटी व मेडिसिन स्टोर का निरीक्षण करने के बाद वार्ड में भर्ती गर्भवती व प्रसूताओं से बातचीत कर सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान एक बच्चे के तीमारदार विकास ने शिकायत की कि बच्चे की हालत गंभीर है और उसे वेंटिलेटर नहीं मिल रहा है। तीमारदार ने अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ पर लापरवाही का भी आरोप लगाया।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. राजेंद्र प्रसाद को तत्काल बच्चे को लोहिया के मातृ एवं शिशु रेफरल सेंटर में भर्ती कराने के निर्देश दिए। सीएमएस ने लोहिया अस्पताल से संपर्क कर बच्चे को वहां भर्ती कराया। डॉ. राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि बच्चे की हालत में अब पहले से सुधार है।
अस्पताल की व्यवस्थाओं से संतुष्ट दिखीं उपाध्यक्ष
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने अस्पताल की सफाई व्यवस्था व इलाज के पुख्ता इंतजामों पर संतुष्टि जाहिर की। उन्होंने गर्भवती व उनके तीमारदारों से भी बात की और अस्पताल में मिलने वाली चिकित्सकीय सुविधाओं को परखा। महिलाओं ने सुविधाएं बेहतर होने की बात कही। इस दौरान उन्होंने कन्या जन्मोत्सव के तहत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत हुए आयोजन में केक काटा और नवजात शिशुओं की माताओं को बेबी किट बांटे।
मरीजों को बेबी किट देतीं चारू चौधरी।
मरीजों को बेबी किट देतीं चारू चौधरी।
मरीजों को बेबी किट देतीं चारू चौधरी।
मरीजों को बेबी किट देतीं चारू चौधरी।