लखनऊ। अमौसी जोन में बिजली बिल की वसूली में माल उपकेंद्र सबसे पीछे है। यहां 23 हजार उपभोक्ताओं में से हर महीने महज 3,500 से 4,000 लोग ही बिल जमा करते हैं। इसके चलते उपकेंद्र पर करीब 35 करोड़ रुपये का बकाया हो गया है। वहीं, पूरे जोन में 75 हजार बकायेदारों हैं। इन पर 250 करोड़ रुपये की देनदारी है। राजस्व वसूली में खराब प्रदर्शन के चलते विभाग ने अब बकायेदारों के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी की है।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी संदीप भागिया ने बृहस्पतिवार को अमौसी जोन के राजस्व लक्ष्य की समीक्षा कर बकाया वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद शुक्रवार को मुख्य अभियंता रामकुमार टीम के साथ दोपहर करीब 12 बजे माल उपकेंद्र पहुंचे। उन्होंने व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और उपभोक्ताओं के साथ बैठक कर बकाया बिल जमा करने की अपील की। मुख्य अभियंता ने कहा कि अब बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर बिजली कनेक्शन काटे जाएंगे। माल उपकेंद्र से कस्बे और आसपास के गांवों में बिजली आपूर्ति होती है। यहां 23 हजार उपभोक्ता हैं, लेकिन हर महीने केवल 15 फीसदी उपभोक्ता ही बिल जमा करते हैं।
गोसाईंगंज में 30 हजार पर 30 करोड़ बकाया
अधीक्षण अभियंता अविनाश कुमार के मुताबिक, अमौसी जोन में बकायेदारों में दूसरे नंबर पर गोसाईंगंज उपकेंद्र है। यहां 30 हजार उपभोक्ताओं पर 30 करोड़ रुपये का बिल बकाया है।
हर शनिवार को लगेगा शिविर
माल उपकेंद्र पर प्रत्येक शनिवार को शिविर लगाया जाएगा। इसमें गलत बिजली बिलों को दुरुस्त कर जमा कराया जाएगा। बकायेदारों के कनेक्शन काटने और बिजली चोरी की जांच के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। -रामकुमार, मुख्य अभियंता, अमौसी जोन