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मनमानी: घंटे के हिसाब से मरीजों से वसूली कर रहा घंटे के हिसाब से वसूली कर रहा लखनऊ का एमएस हॉस्पिटल

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सुधांशु सक्सेना
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राजधानी में कोरोना मरीजों के साथ वसूली का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बावजूद अस्पताल प्रति घंटे के हिसाब से वसूली कर रहे हैं।
मामला बख्शी का तालाब के रामपुर देवरई स्थित एम एस ग्रुप ऑफ चैरिटेबल हॉस्पिटल का है। यहां पीड़ित नेहा बंसल ने अपने चाचा अतुल कुमार बंसल को सांस लेने में परेशानी होने के चलते बीती 3 मई को एडमिट करवाया था।
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आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें कोरोना होने की बात कही और दो दिन में 90 हजार रुपये लेने के बाद 40 हजार रुपये अतिरिक्त मांगा।
असमर्थता जताने पर अस्पताल वालों ने उनका हाफ डाला तक खड़ा करवा लिया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने जो बिल थमाया तो पता चला कि प्रति घंटे के चार्ज से लेकर नर्स और डॉक्टर का अलग से चार्ज जोड़कर वसूली की गई है।
800 रुपये घंटे के हिसाब से दी ऑक्सीजन
मरीज अतुल के भाई अनिल बंसल ने बताया कि अस्पताल में कोविड, नॉन कोविड और टायफाइड मरीजों को एक साथ रखा जा रहा है। 800 रुपये घंटे के हिसाब से ऑक्सीजन मिली। वहीं, सरकारी सौ शैय्या अस्पताल के डॉक्टर रियाज यहां देखने आए, जिसके एवज में प्रति विजिट के हिसाब से पैसा चार्ज किया गया। वहीं, नर्स के लिए अलग से 1000 रुपये चार्ज किया गया। यही नहीं, तीन मई से लेकर पांच मई तक अस्पताल के सिलेंडर भरवाने के लिए उनको ऑक्सीजन प्लांट में लाइन में भी लगवाया गया। अब पुलिस मुकदमा लिखने में आनाकानी कर रही है।
प्रभारी अधिकारी बोलीं- मामले की जांच करवाएंगे
प्रभारी अधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं था। अब मैं इस प्रकरण को चेक करवा रही हूं। दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
टीम भेजकर करवाऊंगा जांच : डीएम
जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने कहा कि इस मामले के लिए एक टीम भेजकर जांच करवाएंगे। किसी भी हाल में मरीजों से वसूली नहीं होने देंगे।
अस्पताल संचालक की सफाई : बात का बतंगड़ बना रही मीडिया
एमएस हॉस्पिटल के संचालक मोहित सक्सेना ने बताया कि मीडिया बात का बतंगड़ बना रही है। मामला थाने में गया था, आप बख्शी का तालाब थाने से जानकारी ले लीजिए।
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बिल की डिटेल दिलवा दी है : थानाध्यक्ष
थानाध्यक्ष बख्शी का तालाब योगेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया था कि अस्पताल संचालक उन्हें बिल नहीं दे रहे हैं। इस पर अस्पताल संचालक को बुलवाकर बिल की डिटेल उपलब्ध करवाई गई। मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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