लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के जैव रसायन विभाग की शोध छात्रा शिवांगी दुबे का लौरा बस्सी छात्रवृत्ति के लिए चयन हुआ है। शीतकालीन सत्र 2024 पुरस्कार के रूप में उन्हें एक हजार डॉलर (86,602 रुपये) मिलेंगे।
विश्व भर से इस छात्रवृत्ति के लिए एक हजार आवेदन आए थे। इनमें से 14 उम्मीदवारों को यह छात्रवृत्ति मिली है। दो पुरस्कार विजेता भारत से हैं, जिनमें से एक शिवांगी हैं। यह छात्रवृत्ति 2018 में उन स्नातकोत्तर और जूनियर शिक्षाविदों को संपादकीय सहायता देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, जिनका शोध अध्ययन के उपेक्षित विषयों पर केंद्रित है। छात्रवृत्ति हर विषय के लिए खुली है और प्रति वर्ष तीन बार दी जाती है। कुलपति प्रो. आलोक राय ने शिवांगी को शुभकामनाएं दी हैं।
कौन है लौरा बस्सी
लौरा बस्सी (वर्ष 1711-1778) यूरोप में प्रोफेसर बनने वाली पहली और डॉक्टरेट की उपाधि पाने वाली दूसरी महिला थीं। उन्होंने इटली के बोलोग्ना विवि में प्रोफेसरों के समक्ष 49 शोध प्रबंधों के साथ 21 साल की उम्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।