माघी पूर्णिमा का स्नान बुधवार को भोर में ब्रह्म मुहूर्त में किया जाना श्रेयस्कर रहेगा। सुबह से ही गोमती के घाटों पर स्नान के लिए श्रद्धालु जुटेंगे। आचार्य प्रदीप के मुताबिक मंगलवार रात 9:31 से पूर्णिमा शुरू हो जाएगी, जो बुधवार रात 8:16 बजे तक रहेगी।
रात से शुरू हुई पूर्णिमा के चलते उदया तिथि में पूर्णिमा रहेगी, लेकिन चूंकि करीब साढ़े आठ बजे से चंद्रग्रहण का सूतक काल शुरू हो रहा है, इसीलिये भोर में या ब्रह्म मुहूर्त में स्नान श्रेयस्कर रहेगा। उन्होंने बताया कि इसी दिन के स्नान के बाद पौष पूर्णिमा से चल रहा स्नान आदि समाप्त होगा।
कल्प प्रवास भी माघी के स्नान के बाद समाप्त होगा। नक्षत्र स्थिति योग अच्छे रहने के चलते स्नान-दान विशेष प्रभावी होगा। गांवों में मान्यता है कि माघ पूर्णिमा के बाद से गांवों में कड़ाके की सर्दी विदाई लेती है और घरों में लोग ठीक एक महीने बाद पड़ने वाले त्योहार होली की तैयारियों में जुटते हैं। इसी दिन संत रविदास जयंती भी मनाई जाएगी। जगह-जगह शोभायात्रा भी निकाली जाएंगी और आयोजन होंगे।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि सर्वोदय दिवस पर मनकामेश्वर मंदिर की ओर से 2 दिवसीय स्वच्छता अभियान 29 व 30 जनवरी को मनाया जाएगा। महंत देव्या गिरि ने बताया कि गोमती नदी पर स्थित मनकामेश्वर उपवन घाट की सफाई कराई जाएगी। इस कार्य में शहर के विभिन्न स्कूल व स्वयंसेवी संस्थाएं हिस्सा लेगी। चंद्रग्रहण के चलते महाआरती 31 की बजाय 30 की शाम को होगी।