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Lucknow News: लखनऊ की बेटी मेनका ने रचा इतिहास, अमेरिका के रेडमंड शहर में बनीं सिटी काउंसिल सदस्य

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अपनी मां के साथ मेनका सोनी। 
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लखनऊ। शहर की मेनका सोनी अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य के प्रतिष्ठित शहर रेडमंड की सिटी काउंसिल की सदस्य बनी हैं। यह उपलिब्ध इस लिहाज से बड़ी है कि वह रेडमंड की पहली ''''प्रवासी भारतीय-अमेरिकी महिला'''' हैं। मेनका ने आठ वर्षों से लगातार पद पर बने मौजूदा दमदार प्रतिद्वंद्वी काउंसिल सदस्य को हराकर जीत हासिल की है।
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उन्होंने साबित किया है कि सपनों की उड़ान लखनऊ की गलियों से शुरू होकर दुनिया के उंचे मंच तक पहुंच सकती है। आपको बता दें कि काउंसिल सदस्य का पद भारत में किसी शहर के मेयर के समकक्ष होता है।



मेनका की मां मोतिया रानी मलहोत्रा ने बताया कि किशोरावस्था से ही मेनका सामाजिक सराकारों के प्रति सजग, मुखर और संवेदनशील रही हैं। किसी को परेशान और पीड़ित देख कर वह खुद भी परेशान हो जाती थीं। मेनका ने महिलाओं के सशक्तीकरण, घरेलू हिंसा पीड़ितों की सहायता, सामुदायिक सुरक्षा और बेघर समुदाय के पुनर्वास, युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में लंबे समय काम किया है। मां ने बताया कि भारतीय परंपरा में रची-बसी मेनका प्योर वेजिटेरियन हैं और खाने में उन्हें सादा दाल-चावल पसंद है।
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सीएमएस और लखनऊ विश्वविद्यालय से हुई पढ़ाई

मेनका की दसवीं तक की पढ़ाई सरोजनी नगर के सेंट थाॅमस से हुई। आगे 11वीं व 12वीं की पढ़ाई सीएमएस की राजाजीपुरम शाखा से और स्नातक की पढ़ाई लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध महिला महाविद्यालय से की। आगरा में जन्मी मेनका के बचपन में ही उनका परिवार लखनऊ शिफ्ट हो गया था। उनके दिवंगत पिता स्व. जगदीश सिंह मलहोत्रा तब आरटीओ के पद पर कार्यरत थे।



पति ने हमेशा बढ़ाया मनोबल

भाई दीपक मलहोत्रा और परिवार के लोगों ने बताया कि मेनका के पति आशीष सोनी ने हमेशा मेनका का मनोबल बढाया। वह अमेरिका के सीएटल में माइक्रोसाॅफ्ट कंपनी में अच्छे पद पर थे। अमेरिका शिफ्ट होने के बाद मेनका ने पहली जाॅब स्टारबक्स में की थी।


भगवद्गीता हाथ में लेकर ली शपथ

मेनका ने भगवद्गीता हाथ में लेकर रेडमंड के काउंसिल मेंबर की शपथ ली। परिजन बोले इससे सिर्फ मेरा नहीं बल्कि पूरे देशवासियों के लिए सांस्कृतिक अभिमान का पल था और सभी का सिर फख्र से ऊंचा हो गया।
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