दिसंबर 2025 में लखनऊ आईं रुखसार हसन अपने मामा कफील हैदर के साथ कश्मीरी मोहल्ले में स्थित उनके घ
लखनऊ। शहर की एक बेटी ने लखनऊवासियों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। लखनऊ में जन्मीं और यहां के ला-मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज से 12वीं तक की शिक्षा ग्रहण करने वाली रुखसार हसन असकरी ने लंदन के सटन वार्ड से पार्षद का चुनाव जीता है। उन्होंने लिबरल डेमोक्रेट्स पार्टी के टिकट पर भारी मतों से जीत दर्ज की है। इस चुनाव में उन्हें 1593 वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी ग्रेग पीटर को मात्र 448 वोट ही हासिल हुए। 28 वर्षीय रुखसार राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से खासी प्रभावित हैं। अब उनकी नजर लंदन में आगामी असेंबली चुनावों में जीत दर्ज करने पर है।
करीब पांच महीने पहले दिसंबर 2025 में रुखसार अपनी मां आबिदा के साथ लखनऊ आई थीं। यहां कश्मीरी मोहल्ले में रहने वाले उनके मामा कफील हैदर ने बताया कि रुखसार को लखनऊ का खाना, पहनावा, यहां की ऐतिहासिक इमारतें और घूमना बहुत पसंद है। पढ़ाई में अव्वल रहीं रुखसार ने तैराकी प्रतियोगिताओं में भी अच्छा प्रदर्शन किया। 2012 में वे कानून की शिक्षा के लिए लंदन चली गई थीं। 2018 में सॉलिसिटर बनीं और कानून के क्षेत्र में काम के साथ ही सामाजिक कार्यों से भी जुड़ गईं। घरेलू हिंसा, ब्रिटेन में एशियाई व अश्वेत समुदायों के साथ भेदभाव व आव्रजन मामलों को लेकर मुखर रहीं और लोगों को निशुल्क कानूनी सलाह भी देती रहीं। शुरुआत में वे वहां की कंजरवेटिव पार्टी से जुड़ीं, बाद में लिबरल डेमोक्रेट्स जॉइन कर ली। रुखसार ने अपनी जीत का श्रेय मां आबिदा और पति शेफ रॉनी पेस को दिया।
लखनऊ में मामा के घर खुशी का माहौल
रुखसार के मामा पेशे से फोटोग्राफर कफील हैदर ने बताया कि जब से भांजी के पार्षद चुनाव जीतने की खबर मिली है, यहां हमारे घर और रिश्तेदारों में खुशी का माहौल है। रुखसार के पिता महमूद काजमी का इंतकाल उसके बचपन में ही हो गई थी। वे इंजीनियर थे। मां आबिदा लखनऊ में ही सहारा इंडिया में नौकरी करती थीं और वे फिर कंपनी के काम के सिलसिले में लंदन चली गई थीं। इसके बाद रुखसार भी 12वीं पास करने के बाद वहां बोर्डिंग में रहकर लॉ की पढ़ाई करने लगी। रुखसार के नाना मिर्जा जलालुद्दीन हैदर कश्मीरी मोहल्ले में स्थित दरगाह क्षेत्र के निवासी थे और एक प्रतिष्ठित समाजसेवी के साथ ही पॉलीटेक्निक कॉलेज में शिक्षक भी थे। रुखसार अब लंदन में आगामी एसेंबली चुनाव और फिर वहां संसद सदस्य का चुनाव लड़ना चाहती है।
दिसंबर 2025 में लखनऊ आईं रुखसार हसन अपने मामा कफील हैदर के साथ कश्मीरी मोहल्ले में स्थित उनके घ