दिलकुशा लॉन में आयोजित जायका और जबान दो दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव में लखनऊ की तहजीब, अदब और साझी
लखनऊ। दिलकुशा लॉन में आयोजित जायका और जबान दो दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव में लखनऊ की तहजीब, अदब और साझी विरासत पूरे शबाब पर दिखी। ओसामा तलहा सोसाइटी की ओर से हुए इस आयोजन में शेर-ओ-सुखन, गीत-संगीत, कठपुतली शो और व्यंग्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को पुराने लखनऊ की यादों में लौटा दिया।
उत्सव के अंतिम दिन रविवार को मुख्य अतिथि इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रो. वासिफ अख्तर की मौजूदगी में कार्यक्रम की शुरुआत हुई। बातबाजी सत्र के साथ मंच सजा, जहां महिला व पुरुष वर्ग की टीमों ने गीतों की प्रस्तुति दी। महिलाओं की टीम का नेतृत्व शायरा परवीन शाकिर और पुरुषों की टीम का नेतृत्व कमल हसन ने किया।
कार्यक्रम में कठपुतली शो ने बच्चों से लेकर बड़ों तक को आकर्षित किया। कथा रंग सत्र में सोम गांगुली, अनमोल मिश्रा और चैतन्य श्रीवास्तव ने व्यंग्य से भरपूर संवादों के साथ अखबारी लोटा की प्रस्तुति देकर दर्शकों को खूब हंसाया।
ओपन माइक और काव्य सत्र में कवि हसन काजमी, सोम गांगुली, फैजान खान और पदमा गिडवानी ने अपने काव्यपाठ से गहरी छाप छोड़ी। शाम ढलते ही सूफियाना रंग में सजे मुशायरा सत्र ने माहौल को पूरी तरह लखनवी अंदाज में रंग दिया, जहां शायरी और अदब के संग साझा सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाया गया।
दिलकुशा लॉन में आयोजित जायका और जबान दो दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव में लखनऊ की तहजीब, अदब और साझी
दिलकुशा लॉन में आयोजित जायका और जबान दो दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव में लखनऊ की तहजीब, अदब और साझी