लखनऊ के इंदिरानगर के पानी गांव निवासी राजमिस्त्री सतीश रावत (31) ने पारिवारिक कलह से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने पहले भी सात बार जान देने की कोशिश की थी, लेकिन हर बार बच गए थे।
सतीश के परिचित अवनीश ने बताया कि मंगलवार दोपहर सतीश शराब के नशे में घर लौटे थे। इसके बाद पत्नी से उनका विवाद हो गया। आरोप है कि सतीश ने पत्नी के साथ मारपीट की। इससे आहत होकर पत्नी कुर्सी रोड स्थित अपने मायके चली गई। इसके बाद सतीश अपने दिवंगत माता-पिता की तस्वीर के सामने बैठकर रोने लगे।
कुछ देर बाद उन्होंने माता-पिता के पास जाने की बात कहते हुए कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। कुछ देर बाद सतीश का एक परिचित उनके घर पहुंचा और दरवाजा खटखटाया। जवाब नहीं मिलने पर आसपास के लोग भी वहां जुट गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया तो सतीश पंखे में दुपट्टे के सहारे लटके मिले। पुलिस ने घटना की जानकारी उनकी पत्नी को दी।
सात बार जान देने का किया था प्रयास
परिचित ने बताया कि सतीश पहले भी शराब के नशे में तीन बार जहरीला पदार्थ खाकर और तीन बार फांसी लगाकर जान देने की कोशिश कर चुके थे। करीब तीन साल पहले उन्होंने हाथ की नस भी काट ली थी। तब अस्पताल में इलाज के बाद उनकी जान बच गई थी। इंस्पेक्टर इंदिरानगर अजय नारायण सिंह ने बताया कि परिजनों ने फिलहाल किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। प्रथम दृष्टया युवक ने पारिवारिक कलह के चलते आत्महत्या की है।