रमजान-उल-मुबारक के पाक महीने में बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने विशेष नमाज अदा की और खुशहाली की दुआएं मांगीं। नमाज के बाद शाम को रोजा इफ्तार का आयोजन हुआ, जिसमें काफी तादाद में महिलाओं ने शिरकत की।
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नमाज पढ़तीं महिलाएं
अमीनाबाद स्थित जनाना पार्क में बज्म-ए-ख्वातीन की ओर से सलातुत तस्बीह की नमाज का आयोजन किया गया। जिंदगी में कम से कम एक बार पढ़ी जाने वाली इस विशेष नमाज को आलिमा फौजिया अदा कराई।
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नमाज पढ़तीं महिलाएं
नमाज जमाअत के साथ न पढ़कर अलग-अलग नीयत के साथ अदा की गई। इसकी खास बात है कि यह विशेष नमाज सिर्फ लखनऊ में महिलाएं सामूहिक रूप से अदा करती हैं।
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नमाज पढ़तीं महिलाएं
बज्म-ए-ख्वातीन की अध्यक्ष बेगम शहनाज सिदरत ने बताया कि संगठन की संस्थापक बेगम सुलताना हयात ने करीब 65 साल पहले जनाना पार्क में महिलाओं की सामूहिक सलातुत तस्बीह की नमाज की शुरुआत की थी।
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नमाज पढ़तीं महिलाएं
उन्होंने बताया कि सामूहिक रूप से नमाज अदा कराने का मकसद जिंदगी में कम से कम एक बार अदा की जाने वाली इस विशेष नमाज को सिखाना है।
उन्होंने कहा कि इस नमाज को साल में किसी भी समय पढ़ा जा सकता है, लेकिन रमजान में इसे अदा करने का सवाब सत्तर गुना बढ़ जाता है। शाम को रोजा इफ्तार से पहले जलसे में आफरीन बानो, उम्मे कुलसुम ने नातिया कलाम पेश किया। अनीका खान ने कार्यक्रम का संचालन किया।