शोभा रानी ने बताया कि लगातार 24 घंटे तक उन्हें डराया धमकाया गया। फिर नौ अप्रैल की सुबह बैंक जाकर रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा। पीड़िता ने बैंक ऑफ बड़ौदा की तीन एफडी तोड़कर ठग के बताए खाते में आठ लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद फोन कट गया। दोबारा संपर्क न होने पर ठगी का अहसास हुआ।
डिजिटल अरेस्ट से ऐसे बचें
अगर आपके पास अनजान नंबर से काॅल आए तो सावधान हो जाएं। कॉल करने वाला शख्स यह कहता है कि आपके नाम से बुक पार्सल को कस्टम विभाग ने पकड़ा है। केस दर्ज कर कर कार्रवाई की जा रही है...तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ये कॉल साइबर ठग की होती है। तत्काल पुलिस से शिकायत करें।
यहां करें शिकायत
यदि आप ठगी का शिकार होते हैं तो साइबर क्राइम थाने, साइबर सेल, लोकल पुलिस स्टेशन, टोल फ्री नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in वेबसाइट के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- हुसैनगंज के छितवापुर निवासी अलका मिश्रा को पांच दिन डिजिटल अरेस्ट में रखा और दस लाख रुपये वसूले।
- इंदिरानगर के लक्ष्मणपुरी विस्तार निवासी निजी कॉलेज की प्रोफेसर प्रमिला मानसिंह से 78.50 लाख रुपये ऐंठे गए।
- कनाडा की रहने वाली सुमन कक्कड़ व उनकी बहन से 1.88 करोड़ ठगे गए थे।
- ऐशबाग निवासी सरकारी बैंक के पूर्व कर्मचारी प्रभात कुमार से 1.20 करोड़ वसूले थे।
- पीजीआई की डॉ. रुचिका टंडन से 2.81 करोड़ ऐंठे थे।
- हजरतगंज के अशोक मार्ग पर रहने वाले डॉ. पंकज रस्तोगी की पत्नी दीपा से 2.71 करोड़ की ठगी हुई थी।
- हजरतगंज निवासी मरीन इंजीनियर एके सिंह से 84 लाख रुपये वसूले थे।
- ठाकुरगंज के पंचायती राज विभाग से रिटायर कमलकांत मिश्रा से 17.50 लाख रुपये ऐंठे थे।